चार भाइयों समेत पांच को परिवीक्षा पर रिहाई के आदेश
फर्रुखाबाद में विशेष न्यायाधीश ने चार भाइयों समेत पांच लोगों को एक वर्ष की परिवीक्षा पर रिहाई का आदेश दिया। आरोप था कि इन्होंने एक दलित महिला को जातिसूचक गालियां दी और मारपीट की। दोषियों को शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया है।

फर्रुखाबाद, संवाददाता। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने चार भाइयों समेत पांच लोगों को एक एक वर्ष की परिवीक्षाा पर रिहाई के आदेश दिये हैं। परिवीक्षा अवधि में सभी शांति व्यवस्था बनाये रखेंगे और किसी अपराध में सम्मिलित नही होंगे। दोषी इस आशय की अंडर टेकिंग भी तीस दिन के अंदर जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जहानगंज थाना क्षेत्र के जहानगंज खेड़ा निवासी सुनीता देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि 30 जून 2016 को शाम को अपने मकान के बरामदा बनवाने के लिए निहास खुदवा रही थी । इसी बीच पड़ोसी रफी मोहम्मद, शरीफ, लतीफ, नईम (सगे भाई) और मौला वक्श ने निहास खोदने से मना किया ।
इस दौरान दलित सुनीता को जातिसूचक गालियां दी गयीं। विरोध किया गया तो यह लोग मारने को दौडे़। सभी लोग घर कें अंदर घुस आये और लात घूसों से मारपीट करने लगे। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायाधीश ने दोषी रफी मोहम्मद, शरीफ, लतीफ, नईम और मौलावक्श को एक एक वर्ष की परिवीक्षा पर इस शर्त के साथ अवमुक्त करने के आदेश दिये हैं कि वह पृथक पृथक रूप से 50 हजार का व्यक्तिगत बंध पत्र व इतनी ही धनराशि का एक प्रतिभू जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष 30 दिन के भीतर प्रस्तुत करेंगे।


