बायोमेट्रिक उपस्थिति मामले में दस्तावेज नहीं देने पर प्रबंधन पर कोर्ट नाराज
गुवा। धनबाद स्थित सीजीआईटी कोर्ट में वृहस्पतिवार को बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से जुड़े सेल कर्मियों के मामले की सुनवाई के दौरान प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज दाखिल नहीं किए गए, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होने की संभावना है।
गुवा । धनबाद स्थित सीजीआईटी कोर्ट में सेल कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान केस से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य अब तक दाखिल नहीं किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
मामले की स्थिति
बताया गया कि प्रबंधन की ओर से प्रत्येक सुनवाई में अगली तारीख की मांग की जा रही है और दस्तावेज अगली सुनवाई में दाखिल करने की बात कही जाती है। हालांकि, अब तक संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य कोर्ट में दाखिल नहीं किए गए हैं। वहीं, बायोमेट्रिक मामले से संबंधित शिकायत केस में कोर्ट द्वारा जारी नोटिस का जवाब भी अब तक दाखिल नहीं किया गया है।
यूनियन का आरोप
सुनवाई के दौरान प्रबंधन के अधिवक्ता ने दस्तावेज जमा करने की बात कही, लेकिन बिना दस्तावेज दाखिल किए ही कोर्ट परिसर से चले गए। इस पर यूनियन के अधिवक्ता श्री सोमेन्द्र नाथ घोष ने कोर्ट के समक्ष कहा कि प्रबंधन प्रत्येक सुनवाई में अगली तारीख की मांग करता है, लेकिन न तो जवाब दाखिल कर रहा है और न ही सबूत, प्रमाण, दस्तावेज़ जमा कर रहा है। उन्होंने कोर्ट से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की।
आगामी सुनवाई
यूनियन की ओर से यह भी कहा गया कि बायोमेट्रिक मामले से संबंधित शिकायत केस को क्वाश कराने के लिए सेल प्रबंधन ने सीजीआईटी कोर्ट से अनुमति लिए बिना रांची हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट द्वारा उक्त मामले को खारिज किए जाने की बात कहते हुए इसकी प्रतिलिपि सीजीआईटी कोर्ट में दाखिल करने की मांग की गई। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर माह में होने की संभावना है। यूनियन का कहना है कि लगातार हो रही देरी के कारण मामले में कोर्ट को अब उचित निर्णय लेने की स्थिति में पहुंचना होगा।


