पत्नी की हत्या में आरोपित जाले बीडीओ की अर्जी खारिज
मुजफ्फरपुर में कोर्ट ने दहेज के लिए पत्नी अमृता कुमारी की हत्या के आरोप में जेल में बंद बीडीओ मनोज कुमार की अर्जी खारिज कर दी। मनोज ने श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। अमृता की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और उसके भाई ने मनोज पर आरोप लगाया था।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। दहेज के लिए पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद दरभंगा के जाले प्रखंड के निलंबित बीडीओ मनोज कुमार की अर्जी बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। बीडीओ ने पत्नी अमृता कुमारी के श्रार्द्धकर्म में शामिल होने की इजाजत देने के लिए कोर्ट में मंगलवार को अर्जी दाखिल की थी। इसमें 15 से लेकर 17 जुलाई तक पुलिस अभिरक्षा में जेल से बाहर जाने देने की अनुमति की प्रार्थना की गई थी। सुनवाई के बाद एसीजेएम-8 की अदालत ने अर्जी खारिज कर दी।मिठनपुरा थाने के कन्हौली मोहल्ले में मालूम हो कि, तीन जुलाई की रात अमृता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी।
उसके भाई ने अमृता के पति बीडीओ मनोज कुमार पर दस लाख रुपये दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। पिछले सप्ताह बीडीओ मनोज और उसकी कथित प्रेमिका महिला दारोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने मनोज को जेल भेज दिया था। आरोपित महिला दारोगा को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया था।


