आठ गवाहों की गवाही के बाद दोष साबित, दो साल में आया फैसला
कैराना में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी शिक्षक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान और साक्ष्य पेश किए। घटना के दो साल बाद परिवार को न्याय मिला। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

कैराना। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने के साथ ही आठ गवाहों को पेश किया। पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और इसके बाद मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में चली। पीड़ित परिजनों को दो साल में ही न्याय मिल गया। दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी शिक्षक को दोषी करार दिया। 14 दिसंबर 2023 को झिंझाना थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामला कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) अशोक भारतेंदु की अदालत में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा। अभियोजन की ओर से आठ गवाहों के बयान कराए गए। बचाव पक्ष की दलीलों के साथ उपलब्ध दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का भी अदालत ने परीक्षण किया। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी अमित को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास और 65 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अधविक्ता ने बताया कि नाबालिग से जुड़े मामलों में अदालत के सामने पीड़िता के बयान, गवाहों की गवाही और विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। अभियोजन को घटना से जुड़े तथ्यों को साक्ष्यों के आधार पर साबित करना होता है।


