छेड़छाड़ के आरोपी पिता-पुत्र बरी
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने छेड़छाड़ के आरोपी पिता-पुत्र को बरी कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले में गंभीर खामियां थीं, जिससे आरोप सिद्ध नहीं हो सके। पीड़िता की गवाही में भी यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने उसके खिलाफ कुछ नहीं किया। मामला 2018 में नेब सराय थाने में दर्ज हुआ था।

नई दिल्ली, प्र.सं.। अदालत ने छेड़छाड़ के आरोपी पिता-पुत्र को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले में गंभीर खामियां व विरोधाभास है और वह आरोपों को साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी की अदालत ने आरोपी प्रमोद उर्फ आकाश व उसके पिता मोहर सिंह को कपड़े फाड़ने के प्रयास, जबरन घर में घुसने व आपराधिक धमकी के आरोपों से भी बरी कर दिया है। नेब सराय थाने में दोनों के खिलाफ फरवरी 2018 में हमला करने व छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा कि मोहर सिंह के खिलाफ मामला तब पूरी तरह से खारिज हो गया जब कथित पीड़िता ने अपनी गवाही के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी ने उसके खिलाफ कुछ नहीं किया है।


