भ्रष्टाचार में कानपुर के दो एआरटीओ निलंबित
- परिवहन मंत्री के निर्देश पर आरटीओ को कारण बताओ नोटिस - शिकायतों पर

- उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को सौंपी गई विभागीय जांच
- दो लिपिक समेत 15 के विरुद्ध कानपुर में दर्ज हुआ था मुकदमा
लखनऊ, विशेष संवाददाता
परिवहन विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है। बस्ती के बाद अनियमितता में लिप्त पाए गए दो एआरटीओ को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह के निर्देश पर एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय दल सोमलता यादव तथा एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। दोनों एआरटीओ मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
अनियमितताओं की जांच
इसके अलावा आरटीओ प्रशासन राकेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। शासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को सौंपी है। शासन ने डीएम कानपुर की रिपोर्ट पर दो एआरटीओ और एक आरटीओ के विरुद्ध अधीनस्थों की अनियमितताओं में संलिप्तता, कार्यालय में विफल पर्यवेक्षण, अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण, शासनादेशों, उच्चादेशों की अवहेलना के मामले में प्रथम दृष्टा दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की शिकायतों पर डीएम कानपुर ने 24 अगस्त को अपर पुलिस उपायुक्त व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी से कानपुर नगर के परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कराया था।
संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मौजूद लगभग 50 व्यक्तियों से पूछताछ की गई थी, जिनमें 11 संदिग्ध व्यक्ति चिन्हित किए गए थे जो आवेदकों से गाड़ियों का पंजीकरण कराने और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर अवैध धन उगाही कर रहे थे। संदिग्ध व्यक्तियों के पास से 43,485 रुपये भी बरामद हुए। भ्रष्टाचार में परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भी संलिप्तता पाई गयी। कानपुर जिला प्रशासन की ओर से थाना काकादेव में दोनों लिपिक समेत 15 आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
वसूली के मामले
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ट्रक चालक से वसूले पांच हजार रुपये
औचक निरीक्षण में ट्रक चालक से वसूली का खेल भी पकड़ा गया। ट्रक यूपी 91 एटी 4251 के चालक ने अधिकारियों को बताया कि आरटीओ कार्यालय के कर्मी ने उससे 26,750 रुपये लिए और रसीद 21,750 रुपये की दी। जांच में उपलब्ध कैश के मिलान में भी बढ़े पांच हजार रुपये की अनियमितता पाई गई। निरीक्षण रिपोर्ट डीएम ने परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजी थी।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
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अवैध वसूली पर होगी कठोर कार्रवाई : परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री ने कहा कि आरटीओ कार्यालयों में अधिकृत व्यक्तियों से कार्य न लिये जाने के संबंध में शासन और परिवहन मुख्यालय स्तर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद कानपुर नगर में अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से काम करने और उनके साथ मिलकर अवैध वसूली की जा रही थी। यह पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता का परिचायक है। मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में किसी भी स्तर पर कार्यों में शिथिलता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लिपिकों के विरुद्ध जांच
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दो लिपिक के विरुद्ध सतर्कता जांच
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने डीएम कानपुर की रिपोर्ट पर प्रकरण में संलिप्त लिपिक विपिन कुमार और मधुर मिश्रा को 27 अगस्त को ही निलंबित कर दिया था। दोनों के विरुद्ध सतर्कता की खुली जांच भी कराई जा रही है। जांच में पाया गया कि विपिन कुमार और मधुर मिश्रा द्वारा चालान रसीद में अंकित धनराशि की तुलना में 22 हजार रुपये कम पाये गये।


