ठेकेदारों के प्लांटों की हुई जांच, गोविंद शर्मा का फ्लैट सील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद ठेकेदारी में माफियागिरी और नगर निगम में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो रही है। आगरा निवासी ठेकेदार गोविंद शर्मा का फ्लैट आवंटन निरस्त कर दिया गया है। एसआईटी ने नगर निगम के तीन ठेकेदारों के हॉट मिक्स प्लांट की जांच की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद ठेकेदारी में माफियागिरी और नगर निगम में भ्रष्टाचार पर रोजाना कार्रवाई हो रही है। मंगलवार को केडीए ने आगरा निवासी ठेकेदार और फरार चल रहे मुख्य आरोपित गोविंद शर्मा का फ्लैट आवंटन निरस्त करने के साथ ही आवास को सील भी कर दिया। दूसरी ओर एसआईटी ने नगर निगम द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में तीन ठेकेदारों के हॉट मिक्स प्लांट को देखा और जांच की। एसआईटी मंगलवार की शाम को नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह और कमलेश पटेल से हॉट मिक्स प्लांट दिखाने को कहा। टीम इन दोनों इंजीनियरों के साथ भौंती में अजय इंटरप्राइजेज, रमईपुर में तिरुपति ट्रेडर्स और दिनेश बाजपेई की के प्लांट को देखा। इंजीनियरों से प्लांट के बारे में जानकारी ली। यह भी पूछा कि ये प्लांट फिलहाल किस स्थिति में हैं, चलने योग्य हैं या बंद हैं? इससे पहले इंजीनियरों द्वारा जो निरीक्षण आख्या सौंपी गई थी उसका भी मौके पर मिलान किया। प्लांट के फोटो खींचे और उपकरणों के बारे में जानकारी ली। ये भी जाना कि ये प्लाांट चलते हुए मिलते तो इनसे क्या-क्या काम किस तरह लिया जाता है।
अस्सी के दशक से अब तक था काबिज
नगर निगम में ठेकेदारों का सिंडिकेट चलाने वाले गोविंद शर्मा अस्सी के दशक से अब तक केडीए के फ्लैट पर अवैध रूप से काबिज था। फजलगंज में फ्लैट नंबर चार उसे किराएदारी पर आवंटित था। रिटायर तो वह कई साल पहले हो गया था मगर केडीए ने दो साल पहले उसका आवंटन निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ गोविंद शर्मा ने सिविल केस कर दिया था। केडीए के ओएसडी एवं विधि विभाग के प्रभारी सत शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने गोविंद शर्मा की अदम पैरवी खारिज कर दी है। इसी के आधार पर केडीए ने फ्लैट का आवंटन निरस्त करने के साथ ही इसे अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है।
ऐसे हुआ था फ्लैट का आवंटन
अस्सी के दशक में केडीए में तैनात एक अधिशासी अभियंता स्वरूप नगर में एक डॉक्टर के घर में किराए पर रहा करते थे। उनके घर गोविंद शर्मा हर सुबह साइकिल से फूल लेकर आता था। ये फूल पूजा के लिए होते थे। तब वह केडीए में सुपरवाइजर के रूप में तैनात था और दैनिक वेतन भोगी था। इसी अधिशासी अभियंता ने उस पर हाथ रख दिया और बर्रा आवासीय योजना में पश्चिम बंगाल निवासी एक ठेकेदार के यहां काम पर लगा दिया। ठेकेदार का काम देखते-देखते उसने ठेकेदारी सीख ली। एक्सईएन ने ही उसे फजलगंज में केडीए का एक आवास आवंटित करा दिया जहां वह रहने लगा। वहीं उसका भाई भी रहने लगा जो नगर निगम में था। वर्ष 1984 में गोविंग केडीए में स्थाई सुपरवाइजर हो गया था।


