अभियंता के घर से 43 लाख की नगदी, 20 किलो चांदी बरामद
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पंचायत समिति के सहायक अभियंता को गिरफ्तार किया। उनकी घर से 43 लाख रुपये से अधिक की नगदी और 20 किलो चांदी बरामद हुई। एक और मामले में पुलिस इंस्पेक्टर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एसीबी दोनों मामलों की जांच कर रही है।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार पंचायत समिति के सहायक अभियंता के घर से 43 लाख रुपये से ज्यादा की नगदी और लगभग 20 किलो चांदी बरामद की है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि थाना प्रभारी से जुड़े रिश्वत के एक और मामले में तलाशी के दौरान सोने-चांदी के गहने, नगदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। एसीबी ने कहा कि वह दोनों मामलों में बरामद संपत्ति के स्रोत और मालिकाना हक की जांच करेगी और आरोपी अधिकारियों की ज्ञात आय के स्रोतों से उनके संबंध की भी जांच करेगी。
पहला मामला
पहले मामले में एसीबी अधिकारियों ने 14 सितंबर को भरतपुर जिले की भुसावर पंचायत समिति के सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद को एक शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। कार्रवाई के तहत प्रसाद के घर की तलाशी में 43.38 लाख रुपये नगदी और लगभग 20 किलो चांदी बरामद की।
दूसरा मामला
दूसरे मामले में जयपुर (ग्रामीण) के सांभर लेक पुलिस स्टेशन के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) राम मिलन मीणा को एसीबी ने 13 सितंबर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। एजेंसी ने बताया कि उनके सरकारी क्वार्टर की तलाशी लेने पर 50,000 रुपये नगदी और एक गाड़ी बरामद हुई।
जांच प्रक्रिया
एसीबी ने कहा कि दोनों मामलों में 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


