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बेटे का जन्मदिन मनाना था और अर्थी उठा रहे... पुंछ के शहीद विक्की पहाड़े के लिए हर आंख नम

विक्की पहाड़े का शव जब उनके पैतृक आवास छिंदवाड़ा पहुंचा तो हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अपने हीरो को अंतिम विदाई देना चाहता है। 2011 में वायुसेना में गए विक्की पहाड़े अपनी तीन बहनों के बीच इकलौते भाई थे।

बेटे का जन्मदिन मनाना था और अर्थी उठा रहे... पुंछ के शहीद विक्की पहाड़े के लिए हर आंख नम
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,छिंदवाड़ाMon, 06 May 2024 11:12 AM
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों ने वायुसेना के काफिले पर हमला बोल दिया था। इस हमले में शहीद 33 साल के विक्की पहाड़े को आज अंतिम विदाई दी जा रही है। विक्की पहाड़े का शव जब उनके पैतृक आवास छिंदवाड़ा पहुंचा तो हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अपने हीरो को अंतिम विदाई देना चाहता है। आंखें नम हैं तो परिवार के हालात को लेकर गम भी है। अगले महीने ही विक्की पहाड़े अपने 5 साल के बेटे का जन्मदिन मनाने वाले थे। उससे पहले उनका शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने कहा कि कहां तो विक्की कह रहे थे कि बेटे का जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे, लेकिन आज हम उनकी ही अर्थी उठा रहे हैं। 

शनिवार को पुंछ में आतंकी हमले में गोलियां लगने के बाद विक्की पहाड़ो को उधमपुर के अस्पताल में एडमिट कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने मीडिया से बताया, 'हम लोग इंतजार कर रहे थे कि वह वापस लौटें तो बर्थडे पार्टी की जाए। उनके बेटे का जन्मदिन 7 जून को है। क्या से क्या हो गया। अब हम उनकी ही अर्थी उठाने की तैयारी में हैं। पूरा परिवार इससे सदमे में हैं। किसी को यकीन नहीं था कि ऐसा कुछ हो जाएगा।' पहाड़े का शव सोमवार को सुबह ही छिंदवाड़ा पहुंचा। 

तीन बहनों के बीच अकेले भाई विक्की पहाड़े कुछ दिन पहले ही छु्ट्टी पर आए थे। इस दौरान उनकी एक बहन की शादी थी। पहाड़े 2011 में वायुसेना में भर्ती हुए थे। यह उनके पिता दिमक का सपना था कि वह एयरफोर्स में जाएं। उनके एक परिजन ने बताया, 'विक्की के पिता की मौत तभी हो गई थी, जब वह बहुत छोटे थे। इसलिए उन्होंने जिंदगी में बहुत मेहनत की ताकि पिता का सपना साकार हो सके। उन्होंने सेना में जाने के लिए खूब पढ़ाई की थी।' उनके एक चचेरे भाई ने बताया कि सालों के संघर्ष के बाद पूरा परिवार अब सेटल हो गया था। तीनों बहनों की शादी हो गई थी। सभी खुशहाल थे, लेकिन इस बीच यह घटना हो गई। अब हर कोई टूट गया है। विक्की की मां और बहन सदमे में हैं। 

वायुसेना ने जताया दुख, लिखा- दुख की घड़ी में साख खड़े हैं

विक्की पहाड़े की शहादत को एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी समेत पूरी वायुसेना ने नमन किया है। वायुसेना की ओर से ट्वीट किया गया है, 'एयरचीफ मार्शल वीआर चौधरी और एयरफोर्स के अन्य सभी साथी कॉर्पोरल विक्की पहाड़े की शहादत को नमन करते हैं। उन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। इस दुख की घड़ी में हम पूरी तत्परता से उनके साथ खड़े हैं।'