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Coronavirus Vaccine: क्या भारत में पड़ने वाली है चौथे डोज की जरूरत? समझें मौजूदा हाल पर क्या बोले जानकार

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने बुधवार को लोगों को टीका लेने तथा भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनने की सलाह दी है। बुधवार को कोरोनावायरस महामारी समीक्षा बैठक हुई थी।

Coronavirus Vaccine: क्या भारत में पड़ने वाली है चौथे डोज की जरूरत? समझें मौजूदा हाल पर क्या बोले जानकार
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 22 Dec 2022 07:39 AM

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कोरोनावायरस मामलों को लेकर भारत अलर्ट मोड पर है। बुधवार को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। खास बात है कि मीटिंग के बाद अधिकारी टीकाकरण की बात करते नजर आए। फिलहाल, भारत में नागरिकों को कोविड-19 के खिलाफ तीन डोज दिए जा रहे हैं। इनमें एक प्रिकॉशनरी यानी एहतियात डोज भी शामिल है। अब सवाल है क्या अब चौथी खुराक की भी जरूरत पड़ने वाली है।

भाषा के अनुसार, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने बुधवार को लोगों को टीका लेने तथा भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनने की सलाह दी है। उन्होंने लोगों से नहीं घबराने की अपील की और स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के दिशा-निर्देशों में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। पॉल ने कहा, 'लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना चाहिए। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या बुजुर्ग हैं, उन्हें विशेष रूप से इसका पालन करना चाहिए।'

चौथे डोज की जरूरत पर क्या बोले जानकार
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के पूर्व निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया फिलहाल चौथे डोज की जरूरत से इनकार कर रहे हैं। इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा, 'कोई भी डेटा नहीं है, जो बताता हो कि चौथे डोज की जरूरत हो। इसकी जरूरत तब तक नहीं होगी जब तक बाइवेलेंट वैक्सीन की तरह किसी खास वेरिएंट के लिए कोई नई वैक्सीन नहीं आती।'

बाइवेलेंट कोविड-19 वैक्सीन को बूस्टर डोज का अपडेट भी माना जा सकता है। FDA यानी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, 'बाइवेलेंट वैक्सीन में कोविड-19 के खिलाफ व्यापक सुरक्षा देने के लिए ओरिजिनिल वायरस स्ट्रेन का कंपोनेंट होता है। और ओमिक्रॉन वेरिएंट से होने वाले कोविड-19 से सुरक्षा के लिए ओमिक्रॉन वेरिएंट का कंपोनेंट होता है। ये दो कंपोनेंट होने के चलते इन्हें बाइवेलेंट वैक्सीन कहा जाता है।'

फिलहाल, भारत में किसी वैक्सीन का इस्तेमाल बाइवेलेंट के तौर पर नहीं किया जा रहा है। जबकि, भारत के बाहर फाइजर जैसी mRNA और बायोएनटेक की बाइवेलेंट वैक्सीन और मॉडर्ना की वैक्सीन का उपयोग बूस्टर के लिहाज से किया जा रहा है। चैनल से बातचीत में केरल कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर राजीव जयदेवन कहते हैं, 'बूस्टर डोज के साथ परेशानी यह है कि इनकी उम्र कम होती है।'