संकट में राजस्थान के ये रोबोट करेंगे कोरोना योद्धाओं की मदद, थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर मास्क न पहनने वालों की कर लेता है पहचान

Shankar Pandit एएनआई, जयपुर
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कोरोना वायरस संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है और इसके कुल मामलों ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। कोरोना संकट के बीच राजस्थान से एक अच्छी...

संकट में राजस्थान के ये रोबोट करेंगे कोरोना योद्धाओं की मदद, थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर मास्क न पहनने वालों की कर लेता है पहचान

कोरोना वायरस संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है और इसके कुल मामलों ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। कोरोना संकट के बीच राजस्थान से एक अच्छी खबर आई है। जयपुर स्थित एक कंपनी ने ऐसे रोबोट को बनाया है जो इस संकट की घड़ी में काफी मददगार हो सकता है। यह रोबोट न सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग कर सकता है, बल्कि उन लोगों की भी पहचान कर सकता है जो मास्क नहीं पहनते। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जयपुर स्थित कंपनी क्लब फर्स्ट ने कोविड-19 महामारी के बीच कोरोना योद्धाओं (हेल्थ वर्कर्स) की मदद के वास्ते रोबोट का निर्माण किया है। इस कंपनी के एमडी भुवनेश मिश्रा का कहना है, 'रोबोट थर्मल स्क्रीनिंग कर सकता है, अगर कोई व्यक्ति मास्क नहीं पहनता है तो यह रोबोट उसकी भी पहचान कर सकता है।'

दरअसल, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म्स का पालन करना अनिवार्य है। यही वजह है कि सरकारें इनका पालन करने के लिए लगातार जोर दे रही हैं। थर्मल स्क्रीनिंग से शरीर का तापमान मापा जाता है और इसके लक्षणों की पहचान की जाती है। रोबोट की वजह से ये काम और भी आसान हो जाएंगे। 

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले चीन से अधिक हो चुके हैं। देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या शुक्रवार को 85 हजार को पार कर गई। कश्मीर से केरल तक और कर्नाटक से बिहार तक कोविड-19 के मामले सामने आए हैं।    चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वहां कोविड-19 के 82,933 मामले सामने आए थे। कोविड-19 से भारत अब दुनिया का 11वां सबसे प्रभावित देश है। इस सूची में अमेरिका शीर्ष पर है जहां पर 14 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। इसके बाद क्रमश: रूस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली और ब्राजील हैं जहां पर दो लाख से अधिक मामले हैं। वहीं फ्रांस, जर्मनी, तुर्की और ईरान में एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। 

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