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हिंदी न्यूज़ देशखत्म हो रही महीनों बाद मिली राहत, तीसरी लहर में महाराष्ट्र और केरल समेत ये 8 राज्य बन सकते हैं हॉटस्पॉट

खत्म हो रही महीनों बाद मिली राहत, तीसरी लहर में महाराष्ट्र और केरल समेत ये 8 राज्य बन सकते हैं हॉटस्पॉट

कोरोना संक्रमण से कई महीनों बाद जो राहत मिली थी, वह अब खत्म होती दिख रही है। बीते करीब 6 महीनों से लगातार नए केसों में कमी देखने को मिल रही थी और एक्टिव केसों का आंकड़ा 75 हजार से भी नीचे पहुंच गया...

खत्म हो रही महीनों बाद मिली राहत, तीसरी लहर में महाराष्ट्र और केरल समेत ये 8 राज्य बन सकते हैं हॉटस्पॉट
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान ,नई दिल्लीFri, 31 Dec 2021 03:44 PM

कोरोना संक्रमण से कई महीनों बाद जो राहत मिली थी, वह अब खत्म होती दिख रही है। बीते करीब 6 महीनों से लगातार नए केसों में कमी देखने को मिल रही थी और एक्टिव केसों का आंकड़ा 75 हजार से भी नीचे पहुंच गया था। लेकिन अब एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। कुल एक्टिव केसों की संख्या पिछले तीन दिनों ही तेजी से बढ़ते हुए 91 हजार के पार पहुंच गई है और शनिवार तक आंकड़ा एक लाख से आगे निकल सकता है। देश में अब तक कोरोना संक्रमण से 4 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के मामलों में उछाल को तीसरी लहर की शुरुआत बताया जा रहा है। अब तक देश के 8 राज्यों में तेजी से केस बढ़ते दिखे हैं और ऐसा लगता है कि ये एक बार फिर से कोरोना हॉटस्पॉट साबित हो सकते हैं।

तीसरी लहर में भी हॉटस्पॉट बनेंगे महाराष्ट्र और केरल?

यही नहीं पहली और दूसरी बार की तरह ही तीसरी लहर का केंद्र भी महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य बनते दिख रहे हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल भी इस बार हॉटस्पॉट बनता दिख रहा है। महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के एक्टिव केस एक बार फिर से 20 हजार के पार पहुंच गए हैं। वहीं तमिलनाडु, बंगाल, कर्नाटक और दिल्ली में भी नए केसों में तेजी ने ऐक्टिव मामलों को चिंताजनक स्तर पर ला दिया है। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटों में एक्टिव केसों में 4333 का इजाफा हो गया है। इसके साथ ही सक्रिय मामले बढ़कर 21906 हो गए हैं, जबकि केरल का आंकड़ा 20,525 है। तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है, जहां एक्टिव केस बढ़कर 8776 हो गए हैं। कर्नाटक के भी हालात लगातार बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां कोरोना मामले 8252 हो गए हैं। तमिलनाडु 6929 मामलों के साथ पांचवें स्थान पर है। तेलंगाना में कुल एक्टिव केस 3500 के पार हैं।  

दिल्ली और गुजरात में भी तेजी से बढ़ रहा संकट

हालांकि दिल्ली में इन राज्यों के मुकाबले काफी कम 3,081 ही एक्टिव केस हैं, लेकिन देश भर में राजधानी 7वें स्थान पर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इन 6 राज्यों की स्थिति को देशभर के लिए चिंताजनक करार दिया है। इनके अलावा गुजरात में भी 2,371 एक्टिव केस हो गए हैं। टेंशन की बात यह है कि राज्य में एक्टिव केसों की संख्या में इजाफा तेजी से हो रहा है। बीते एक दिन में ही 469 सक्रिय मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन गुजरात के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। बता दें कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में फरवरी में ओमिक्रॉन के चलते कोरोना की तीसरी लहर का पीक आने की आशंका जताई गई है। 

ये 6 राज्य भी हैं चिंता की वजह, डराने वाला है ट्रेंड

इन 6 राज्यों के अलावा छह अन्य राज्य हैं, जहां का ट्रेंड चिंताएं बढ़ाने वाला है। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, ओडिशा, असम और झारखंड में एक्टिव केसों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है। ओमिक्रॉन के मामले भी तेजी से बढ़ते हुए देश भर में 1,271 हो गए हैं। यही नहीं इस वैरिएंट से पीड़ित पुणे और राजस्थान में 1-1 मरीज की मौत की भी खबर है। ऐसे में महाराष्ट्र, केरल जैसे राज्यों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर पर चुनावी राज्यों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

इन बड़े राज्यों से हैं राहत के संकत, अब भी 1,000 से नीचे एक्टिव केस

इस संकट के बीच भी राहत की बात यह है कि यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार जैसे बड़े राज्यों में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 1,000 से कम है। 24 करोड़ की बड़ी आबादी वाले यूपी में फिलहाल कोरोना के 645 ही एक्टिव केस मौजूद हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल जैसे राज्यों से भी फिलहाल राहत के संकेत हैं।

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