DA Image
27 मार्च, 2020|2:23|IST

अगली स्टोरी

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में उतरी भारतीय सेना, लॉन्च किया 'ऑपरेशन नमस्ते'

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए भारतीय सेना मैदान में उतरी है। सेना ने ऑपरेशन नमस्ते लॉन्च किया है। आर्मी चीफ एम एम नरवणे ने शुक्रवार को कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए सेना की जिम्मेदारी है कि वह सरकार की मदद करे।

नरवणे ने लाइन ऑफ कंट्रोल या लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनात सैनिकों से अपने करीबी और प्रियजनों के बारे में चिंता न करने और छुट्टियों को रद्द करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के हालात ऑपरेशन पराक्रम के दौरान भी देखे गए थे लेकिन तब भी सफलता ही मिली थी। ऑपरेशन नमस्ते को भी सफलता मिलेगी।

आर्मी चीफ ने कहा, 'कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में हमारी जिम्मेदारी है हम सरकार और जनता की मदद करें। बतौर आर्मी चीफ यह मेरी प्राथमिकता है कि मैं अपने सैनिकों को सुरक्षित और फिट रखूं। हम अपने कर्तव्यों में तभी सेवा कर सकते हैं जब हम खुद सुरक्षित हों।' 

उन्होंने आगे कहा कि देश की रक्षा के लिए हमें जरूरी है कि हम अपने आप को फिट और सुरक्षित रखें। इसको ध्यान में रखते हुए हमने बीते कुछ सप्ताह में दो-तीन एडवाइजरी जारी की है जिन्हें जरूर फॉलो करना है। भारतीय सेना ने इसे ऑपरेशन नमस्ते नाम दिया है।

उन्होंने अपने सैनिकों को भरोसा दिलाया कि वह अपने करीबियों की चिंता न करें क्योंकि सेना उनका ख्याल रख रही है। आर्मी चीफ ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि हम अपने ऑपरेशन नमस्ते में सफल होंगे। हमने कमांड वार हेल्पलाइन की स्थापना की है, जिससे कोई मदद लेने के लिए संपर्क कर सकता है। सेना ने देशभर में कई क्वारंटाइन सेंटर्स बनाए हैं। इसके अलावा, अगर कोई समस्या सामने आती है तो परिवार नजदीकी आर्मी कैंप में भी जा सकते हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि उन्हें पता था कि छुट्टी को रद्द करने से सैनिकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है लेकिन साल 2001-02 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सेना के जवानों ने आठ से दस महीने तक छुट्टियां नहीं ली थीं। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Coronavirus Army chief launches Operation Namaste says duty to help government fight against COVID 19