कोरोना संकट: अगरतला से 30 हजार खर्च कर त्रिपुरा पहुंचे शख्स को पत्नी ने घर में आने से रोका

Ashutosh Ray प्रियंका देब बर्मन, अगरतला
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कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच अगरतला से त्रिपुरा पहुंचे शख्स को उसकी पत्नी ने घर में प्रवेश करने से मना कर दिया, जबकि उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। दरअसल, 37 साल के दैनिक वेतनभोगी गोबिंदा...

कोरोना संकट: अगरतला से 30 हजार खर्च कर त्रिपुरा पहुंचे शख्स को पत्नी ने घर में आने से रोका

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच अगरतला से त्रिपुरा पहुंचे शख्स को उसकी पत्नी ने घर में प्रवेश करने से मना कर दिया, जबकि उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। दरअसल, 37 साल के दैनिक वेतनभोगी गोबिंदा देबनाथ अगरतला से कार के जरिए दो दिन यात्रा कर असम के सिलपाथर पहुंचे। त्रिपुरा-असम सीमा पर चौरीबारी चेकपोस्ट पर पहुंचने के बाद उन्हें एक दिन के लिए क्वारंटाइन रखा गया, इसके बाद गोबिंदा का कोरोना टेस्ट किया गया जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। 

गोबिंदा अपनी पत्नी और ससुराल वालों के साथ अगरतला के जयनगर में शहरी गरीबों के लिए आवास योजना के तहत मिले एक फ्लैट में रहते हैं। मार्च में लॉकडाउन की घोषणा से पहले गोबिंदा असम में अपने बहनोई से मिलने गए थे। तीसरी बार लॉकडाउन बढ़ने पर गोबिंदा ने अगरतला से वापस आने का फैसला किया और इसके लिए उन्होंने एक कार बुक की जिसने त्रिपुरा पहुंचाने के लिए 30 हजार रुपए लिए। 

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गोबिंदा ने बताया कि उन्हें उनकी पत्नी ने घर में प्रवेश करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मेरी पत्नी पड़ोसियों के दबाव में थी। मैं और क्या कह सकता हूं। वहीं, गोबिंदा की पत्नी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मेरे घर पर एक बेटी है। मेरे पति असम से आए थे, मैंने उनसे बाहर रहने के लिए कहा है। इस स्थिति में मैं उन्हें घर में रहने की अनुमति नहीं दे सकती।

पत्नी ने कहा कि मैंने उनसे क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन रहने के बाद वापस घर में आने के बोली हूं। वहीं पश्चिम जिला स्वास्थ्य निगरानी अधिकारी डॉ संगीता चक्रवर्ती के अनुसार गोबिंदा को घर में प्रवेश से रोकने के लिए इलाके के लोग इकट्ठा हो गए थे। चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस निवासियों को समझाने में भी नाकाम रही है, जिसके बाद गोबिंदा को शहर के निकट एक क्वारंटाइन सेंटर में ले जाया गया है।
 

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