आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कोविड-19 का मुकाबला, जानें कैसे बनेगा कोरोना से जंग में यह हथियार

Shankar Pandit सौरभ शुक्ल , नई दिल्ली 
Follow us on Google News
share

देश में फैली कोरोना महामारी के दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं या नहीं इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विलांस का इस्तेमाल शुरू हो गया है। अभी आधिकारिक तौर पर तेलंगाना में...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कोविड-19 का मुकाबला, जानें कैसे बनेगा कोरोना से जंग में यह हथियार

देश में फैली कोरोना महामारी के दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं या नहीं इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विलांस का इस्तेमाल शुरू हो गया है। अभी आधिकारिक तौर पर तेलंगाना में तकनीक के आधार पर पता लगाया जा रहा है किन जगहों पर लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं और जरूरी दूरी बनाने को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। आने वाले दिनों में देश के तमाम बड़े शहरों के साथ साथ मेट्रो ट्रेन में भी इसका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिंजेस तकनीक कोविड एनालिटिक्स तैयार करने वाली कंपनी वीहांत टेक्नोलॉजीज के सह संस्थापक और सीईओ कपिल बरडेजा ने हिंदुस्तान से बातचीत में बताया कि ये नई तकनीक, सॉफ्टवेयर आधारित है। इसे मौजूदा सीसीटीवी सेटअप में इंस्टॉल करने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग पर नजर रखनी आसान हो जाएगी। उनके मुताबिक इस के ये तस्वीरों पर आधारित तकनीकी सॉल्यूशन है, काफी पुराने सीसीटीवी सेटअप में हार्डवेयर बदलाव की जरूरत भी पड़ सकती है।

उन्होंने बताया कि तकनीक के जरिए सीसीटीवी से ही उस दायरे में खड़े लोगों के चेहरे पर मास्क के लगने और नहीं लगे होने की पहचान की जाएगी। साथ ही ये भी देखा जा सकेगा सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से किसी जगह पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है या फिर लोगो पहले की ही तरह नजदीक ही खड़े हैं।कंपनी के मुताबिक अभी इस तकनीक का इस्तेमाल तेलंगाना पुलिस कर रही है।

तकनीक के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस, गुरुग्राम, रायपुर समेत तमाम बड़े शहरों में इस पर प्रजेंटेशन दी गई है। साथ ही देश के अलग अलग मेट्रो में भी इसे लेकर प्रजेंटेशन दी गयी है। इन जगहों पर आने वाले दिनों में तकनीकी सर्विलांस शुरू होने की उम्मीद है।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Shankar Pandit

लेखक के बारे में

Shankar Pandit