हॉकी इंडिया जर्सी विवाद : बिना सहमति लिया फैसला : टिर्की
भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग नीले से केसरिया करने के फैसले पर विवाद बढ़ गया है। हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने इस निर्णय के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। भोलानाथ सिंह ने कहा कि सभी अधिकारियों को बदलाव के बारे में जानकारी थी। पूर्व खिलाड़ियों और विपक्षी दलों ने भी इस विषय को उठाया है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर विवाद बढता ही जा रहा है। अब हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने महासंघ के पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनकी और कार्यकारी बोर्ड की जानकारी या सहमति के बिना यह बड़ा फैसला कैसे लिया गया। वहीं, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने कहा कि सभी अधिकारियों को इस बदलाव की जानकारी थी। नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू हो रहे विश्व कप से पहले भारतीय टीमों की जर्सी का रंग नीले से केसरिया कर दिया गया है। इसे लेकर वीरेन रासकिन्हा, परगट सिंह, वी. भास्करन, धनराज पिल्लै जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए हैं।
वहीं, मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विपक्षी दलों ने इस पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। टिर्की सहित हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कहा था कि खेल के मैदान पर इस्तेमाल होने वाली नीली पिच से रंग की समानता से बचने के लिए यह पूरी तरह से तकनीकी निर्णय था। लेकिन, शुक्रवार सुबह टिर्की ने कार्यकारी बोर्ड को भेजे ईमेल में लिखा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला कार्यकारी बोर्ड के समक्ष रखने या मेरी पूर्व जानकारी के बिना लिया गया।


