खेल : दिव्यांशी को एशियाई खेलों से बाहर करने पर विवाद
वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को एशियाई खेलों से अंतिम समय में बाहर करने पर विवाद हो गया। दिव्यांशी ने राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की मंजूरी के बाद भी उन्हें टीम से बाहर किया गया। खेल मंत्रालय का मानना है कि यह बदलाव चोट के कारण किया गया।

नई दिल्ली, एजेंसी। वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को अंतिम समय में एशियाई खेलों से बाहर करने पर विवाद पैदा हो गया है। राजस्थान के कोटा की दिव्यांशी (60 किलो, स्पर्धा सांडा) ने शनिवार को राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। हालांकि भारतीय वुशु संघ (डब्ल्यूएआई) ने दावा किया है कि चोट के कारण उन्हें टीम से हटाया गया है। दिव्यांशी ने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी को शामिल कर लिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिव्यांशी ने रोते हुए कहा, मैं वास्तव में बहुत परेशान हो चुकी हूं। जून-जुलाई से लेकर अब सितंबर तक मुझे मानसिक रूप से बहुत परेशान किया गया है। मुझे इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह (रोशिबिना) एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। वह किसी और को क्यों नहीं जाने दे रही है? मैंने उसे (चयन ट्रायल में) हराया है। मुझे एशियाई खेलों में जाने का अधिकार है। इसी दौरान एक बार उन्होंने आत्महत्या करने की धमकी भी दी। वह जिस इमारत की छत पर खड़ी थीं, उसके किनारे की ओर बढ़ गईं और नीचे जमीन की ओर इशारा किया।
खेल मंत्रालय द्वारा किया गया बदलाव
खेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी सूची में दिव्यांशी को सात सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था। हालांकि शुक्रवार को उनकी जगह दो बार की एशियाई खेलों की पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल कर लिया गया। इसका कारण बताया गया कि दिव्यांशी के (एसीएल टीयर) चोट लगी है। डब्ल्यूएआई ने दावा किया कि खिलाड़ी के एमआरआई में 'एसीएल' में चोट और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने की बात सामने आई थी, इसी वजह से उन्हें टीम से हटाया गया। डब्ल्यूएआई ने दावा किया कि दिव्यांशी ने खुद संघ को बताया था कि उन्हें 24 से 29 जून तक चीन के हुबेई में हुई वुशू सांडा चैंपियनशिप के दौरान चोट लगी थी। एक महीने घर पर रहने के बाद वह 10 अगस्त को एनआईएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में वापस शामिल हुई थीं।
परिवर्तन का आधिकारिक कारण
वहीं, खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि बदलाव 'स्थापित नियम' के तहत किया गया। राष्ट्रीय संघ ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को सूचित किया था कि दिव्यांशी को चोट लगने के कारण टीम से हटाना पड़ेगा। इसके अनुसार अंतिम टीम में बदलाव किए गए। चोट के कारण खिलाड़ी को बदलने के लिए मंत्रालय ने पहले से तय नियम के तहत इन बदलावों को मंजूरी दी।


