कोरांव में बारिश से बढ़ी लोगों की परेशानी

हिन्दुस्तान, गंगापार
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कोरांव, हिन्दुस्तान संवाद। अगस्त के मध्य पखवाड़े से अब तक प्रतिदिन कुछ न कुछ हो

कोरांव में बारिश से बढ़ी लोगों की परेशानी

अगस्त के मध्य पखवाड़े से अब तक प्रतिदिन कुछ न कुछ हो रही बरसात से गांव बाजार का हर वर्ग परेशान है। किसान खेतों में खाद और दवा का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते खरीफ की फसलें बर्बाद हो रही हैं। बाजारों के दुकानदारों की कमाई भी कम हो गई है। वहीं पशु और मानव दोनों संक्रामक रोगों की चपेट में आते जा रहे हैं। इतना ही नही बरसात के कारण बर्बाद हुई सडको पर बने गड्ढो के चलते प्रतिदिन हो रही दुर्घटनाओ मे लोग चोटिल हो रहे हैं । नुकसान हुई फसलों का सर्वे, मनमानी के आरोप

तेज बरसात और प्रभावित परिवार

कोरांव तहसील क्षेत्र मे 16 अगस्त से पांच सितम्बर तक तेज बरसात हुई इसके अलावा भी अब भी प्रतिदिन कुछ न कुछ बरसात हो रही है। जिसके चलते अब तक लगभग 426 गरीब परिवारो के आशियाने बर्बाद हुए हैं । इसके कारण प्रभावितो के परिवार खुले आसमान के नीचे आ गये हैं। जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन प्रभावित लोंगो के घाव पर मरहम लगाने को कौन कहे राजस्व कर्मियो की कमी के चलते नुकसान का सही ढंग से सर्वे तक नही करा पा रहा है क्योकि एक एक लेखपालो के ऊपर छ से सात गांवो की जिम्मेदारी के साथ अन्य कार्यो के बोझ के कारण केवल खानापूरी करने के अलावा और कुछ नही हो रहा है। वही बाढ़ग्रस्त गांवो के अलावा नदियो की तलहटी और तालाबो की कोख मे बर्बाद हुई फसलो के सर्वे के लिए कोई रूचि किसी भी अधिकारी और मातहतो मे नही दिखाई दे रही है। जबकि शासन किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई कराने का ढिढोरा पीट रहा है।

धरना और लगातार मांग

प्रतिदिन तहसील मे हो रहा घेराव

बाढ़ग्रस्त गांवो के दर्जनो परिवारो की महिलाए तहसीलदार और एसडीएम के आवास से लेकर चैम्बर और कोर्ट के सामने सहायता के लिए बराबर धरना दे रही हैं लेकिन आरोप है कि उन्हे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है। लेकिन पीड़ित सहायता की आस पर बराबर बने हुए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦क्या बारिश से किसान प्रभावित हुए हैं?−
हाँ, किसानों को खाद और दवा का छिड़काव नहीं कर पाने के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं।
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