सितारगंज की नदियों का जलस्तर बढ़ा, भू-कटाव तेज
सितारगंज में 12 घंटे से लगातार बारिश हुई, जिससे मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं। सरकारी अस्पताल के गेट में पानी भर गया है। विभिन्न वार्डों में 2-3 फीट पानी भर गया है और घरों में भी घुस गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।
सितारगंज, संवाददाता। सितारगंज में पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश होने से नगर के मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं। सरकारी अस्पताल के गेट में पानी भरा हुआ है। सिडकुल रोड, मीना बाजार समेत विभिन्न वार्डों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। घरों व दुकानों में भी पानी घुस गया है। मंगलवार की सुबह आठ बजे तक सितारगंज में 180 एमएम बारिश दर्ज की गई। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश से कैलाश, बैगुल नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बैगुल नदी में करीब 27 हजार क्यूसेक पानी है। पानी पुल छूने को है। शक्तिफार्म में कटना नाला तेजी से कटाव कर रहा है।
यहां 15 मीटर लम्बाई में कटाव हो रहा है। कैलाश नदी भी उफान पर है। इस वर्ष पहली बार 31 हजार क्यूसेक पार जलस्तर गया। हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। कैलाश नदी तेजी से भूकटाव कर रही है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गयी हैं। सिंचाई खण्ड सितारगंज के ईई एएस नेगी ने बताया कि विभाग अलर्ट है। नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते नानकसागर जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई खण्ड बरेली के ईई विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। कोई खतरे की बात नहीं है।


