प्रो. बिहारी लाल शर्मा फिर कुलपति नियुक्त, राजभवन ने जारी किया आदेश
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर प्रो. बिहारी लाल शर्मा को फिर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों ने प्रो. शर्मा को बधाई दी। उनका कार्यकाल 19 अगस्त को पूरा होगा।
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर प्रो. बिहारी लाल शर्मा को फिर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। इस संबंध में राजभवन की ओर से सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया गया। आदेश की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों ने प्रो. शर्मा को बधाई दी। प्रो. शर्मा का वर्तमान कार्यकाल 19 अगस्त को पूरा हो रहा है। उनका तीन वर्ष का नया कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा। उनके दूसरे कार्यकाल की संभावना 29 जुलाई को आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद से ही जताई जा रही थी। समारोह में कुलाधिपति ने उनके कार्यों की सराहना की थी। इसके बाद अगले कुलपति को लेकर होने वाली चर्चाओं में प्रो. शर्मा का नाम प्रमुखता से सामने आया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ
प्रो. शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाया गया। परिसर के पुराने भवनों के जीर्णोद्धार के साथ नए गेस्ट हाउस का निर्माण भी शुरू हुआ। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में विश्वविद्यालय को नैक से 'ए' ग्रेड मिलना शामिल है।
आभार और भविष्य के प्रयास
पुनर्नियुक्ति पर प्रो. शर्मा ने राज्यपाल, राजभवन और विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति का विश्वास विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना का सम्मान है। तीन वर्ष का यह कार्यकाल-विस्तार व्यक्तिगत उपलब्धि का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति और शैक्षणिक उन्नयन के लिए प्रयास पूर्ववत जारी रहेंगे। सभी के सहयोग और सहभागिता से विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को और समृद्ध करने का प्रयास किया जाएगा।


