सहारा समूह की सहकारी समिति को झटका, 5.85 लाख चुकाने का आदेश
पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सहारा समूह को निर्माण में कमी और उपभोक्ता लापरवाही के लिए फटकार लगाई। मृत महिला की जमा राशि ₹5,85,425, जिसमें मूलधन व ब्याज शामिल हैं, 45 दिनों में लौटाने का आदेश दिया गया है। मामले का संबंध कृष्णा चटर्जी से है, जिनकी मां का निधन हो गया था।

चाईबासा, संवाददाता। पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सहारा समूह से जुड़ी हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को सेवा में कमी और उपभोक्ता के प्रति लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए मृत महिला की जमा राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को मूलधन, बकाया ब्याज, मानसिक प्रताड़ना व सेवा में कमी की क्षतिपूर्ति तथा मुकदमा खर्च सहित कुल 5,85,425 रुपये 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को भुगतान करने का निर्देश दिया है। मामला चाईबासा के गुटुसाई मोहल्ला निवासी कृष्णा चटर्जी से जुड़ा है। उनकी मां स्व. पुतुल चटर्जी ने 28 जून 2019 को कंपनी की योजना में 3,63,000 रुपये जमा किए थे।
बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 28 जून 2024 निर्धारित थी और कृष्णा चटर्जी को नामिनी बनाया गया था। हालांकि, परिपक्वता से पहले 12 फरवरी 2024 को पुतुल चटर्जी का निधन हो गया। इसके बाद नामिनी होने के बावजूद कृष्णा को जमा राशि और देय ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार कंपनी ने केवल तीन बार 3,328 रुपये की मासिक ब्याज राशि का भुगतान किया। इसके बाद भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित 45 दिनों में भुगतान नहीं होने पर मूलधन एवं ब्याज की राशि पर निर्णय की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।


