वारंटी अवधि में मोबाइल ठीक करने पर शुल्क वसूलना पड़ा महंगा
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हरदोई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष राजकुमार एवं सदस्य सुरभि अग्रवाल ने मोबाइल की खरीद से वारंटी अवधि के अंदर मोबाइल ठीक करने पर उपभोक्ता से सर्विस चार्ज व टैक्स वसूलने के मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने माना कि कंपनी द्वारा वारंटी शर्तों के विपरीत शुल्क लेना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। नगर के मोहल्ला राधानगर निवासी श्रेयांश सिंह ने 5 जुलाई 2021को 15,999 रुपये का रेडमी नोट-10 प्रो मोबाइल ऑनलाइन खरीदा था जो उसे सात जुलाई को प्राप्त हुआ। मोबाइल वारंटी अवधि के भीतर ही खराब हो गया।
उपभोक्ता ने इसे कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर। लखनऊ स्थित प्रखर इंटरप्राइजेज पर मरम्मत के लिए दिया, जहां मोबाइल ठीक करने के बाद उससे 1001.82 रुपये सर्विस चार्ज और टैक्स के नाम पर वसूले गए।पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर आरोप लगाया कि वारंटी के बावजूद उससे अवैध रूप से शुल्क लिया गया। सुनवाई के दौरान विपक्षी कंपनी की ओर से समय पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके चलते आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय दिया। आयोग ने विपक्षीगण को आदेशित किया कि वह परिवादी को 1002 रुपये की धनराशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करे। साथ ही मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये तथा वाद व्यय एवं अधिवक्ता शुल्क के रूप में 5,000 रुपये अतिरिक्त अदा करे। यह राशि आदेश की तिथि से 45 दिनों के भीतर अदा करनी होगी।


