साठ गांव के कृषि भूमि को जलभराव से मिलेगी सुरक्षा
गोरखपुर में मानीराम-डोमिनगढ़ तटबंध पर 57.20 करोड़ रुपये की लागत से पंपिंग स्टेशन का निर्माण दिसंबर तक पूरा होगा। इसका उद्देश्य 60 गांवों की 4,941 हेक्टेयर कृषि भूमि और लगभग 98,000 लोगों को जलभराव से राहत प्रदान करना है।
गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय गोरखपुर में रोहिन नदी के दाहिने तट पर स्थित मानीराम-डोमिनगढ़ तटबंध के किलोमीटर 10 पर ग्राम सिउरिया के निकट 57.20 करोड़ रुपये की लागत से पंपिंग स्टेशन का निर्माण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के मुताबिक सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से सदर एवं कैंपियरगंज तहसील के 60 गांवों की लगभग 4,941 हेक्टेयर कृषि भूमि और करीब 98 हजार की आबादी को जलभराव से प्रत्यक्ष लाभ दिलाना है।
प्रोजेक्ट लागत और कार्य विवरण
गंडक संगठन, गोरखपुर के तहत संचालित इस परियोजना की लागत 57.20 करोड़ रुपये हैं जिसमें 35.57 करोड़ रुपये सिविल कार्यों, 21.63 करोड़ रुपये यांत्रिक कार्यों पर खर्च होंगे। इस परियोजना के तहत 1.10 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर पंप हाउस और जनरेटर शेड का निर्माण, क्रॉस रेगुलेटर, 2.5 किलोमीटर लिंक रोड और उच्च क्षमता वाले पंपों और डीजी सेटों की स्थापना की जाएगी। पंपिंग स्टेशन के माध्यम से अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जाएगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। परियोजना को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की तकनीकी सलाहकार समिति, राज्य बाढ़ नियंत्रण परिषद की स्टीयरिंग कमेटी, गंडक बाढ़ नियंत्रण आयोग और केंद्रीय जल आयोग से स्वीकृति मिली हुई है। अब तक 50 फीसदी सिविल वर्क पूर्ण हो चुका है।
पंपिंग स्टेशन का निर्माण क्यों आवश्यक है
ग्राम सिउरिया ताल में जहां पंपिंग स्टेशन निर्माण किया जा रहा, कल्याणपुर से प्रारम्भ होकर मानीराम डोमिनगढ़ तटबंध के किमी 10 पर ग्राम सिउरिया के पास रोहिन नदी में गिरता है। इस नाले में ग्राम कल्याणपुर से लेकर सिउरिया तक गोबरहिया नाला, ताल कौमर नाला, गडैला नाला, ताल कोईला, ताल लिखिया और दहला नाला का पानी आकर सिउरिया ताल में मिलता है। बाढ़ के समय जब रोहिणी नदी का जलस्तर नाले के जलस्तर से ऊपर हो जाता है, तब इस ताल के नाला पर लगे फ्लैपर गेट स्वतः बंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में का पानी लगभग 60 गांवों में फैल कर तकरीबन 4,941 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को जलमग्न कर 98 हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ाता है। इस नाला का कैचमेंट क्षेत्रफल कुल 17,387.58 हेक्टेयर है।
पंपिंग स्टेशन की क्षमता विवरण
पम्पिंग स्टेशन में 40 क्यूसेक क्षमता के 7 पंप और 20 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप लगेंगे। पंपिंग स्टेशन की कुल जल निकासी क्षमता 340 क्यूसेक होगी। इसके अलावा चार 750 केवीए क्षमता के डीजी सेट, 62.5 केवीए का 1 डीजी सेट, 10 टन क्षमता की गैंट्री क्रेन और अन्य यांत्रिक उपकरण भी स्थापित किए जाएंगे। ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी जल निकासी का कार्य प्रभावित न हो।
प्रोजेक्ट का महत्व
-57.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सिउरिया पंपिंग स्टेशन
-4,941 हेक्टेयर कृषि भूमि और 98 हजार आबादी को मिलेगी राहत
-रोहिन नदी के दाहिने तट पर चल रहा निर्माण, दिसंबर तक होगा पूरा
-बिजली न होने पर भी ठप नहीं होगा पम्पिंग स्टेशन, डीजी सेट भी लगेंगे
‘ इस महत्वकांक्षी परियोजना से कैम्पियरगंज और सदर तहसील में जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी। किसानों की फसलों को जलभराव से होने वाले क्षति से बचाव होगा। हजारों ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सकेगी। यह काम जून 2027 में पूरा होना था लेकिन दिसंबर तक पूरा करने के प्रयास जारी हैं। ’
धमेंद्र कुमार यादव, अवर अभियंता ड्रेनेज खण्ड सिंचाई विभाग


