लखीसराय : सांसद की अनुशंसा पर लखीसराय में बनेगा वज्रगृह सह परीक्षा भवन
लखीसराय में मुंगेर लोकसभा सांसद ललन सिंह की अनुशंसा पर करोड़ों रुपये की लागत से बज्रगृह सह परीक्षा भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 1 से 1.5 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इससे जिले में परीक्षा सम्बंधित सुविधाओं में सुधार होगा और प्रश्नपत्रों एवं उत्तरपुस्तिकाओं के भंडारण को सुरक्षित बनाया जाएगा।

लखीसराय से मनीष की रिपोर्ट लखीसराय, एक प्रतिनिधि। मुंगेर लोकसभा के सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की अनुशंसा पर लखीसराय जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बज्रगृह सह परीक्षा भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए रामगढ़ चौक प्रखंड क्षेत्र स्थित प्लस 2 श्री ढ़ेरनाथ महादेव उच्च विद्यालय, शर्मा के पास एक से डेढ़ एकड़ भूमि में प्रस्तावित स्थल को चिन्हित किया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष की ओर से 11 सितंबर 2026 को भवन निर्माण विभाग, पटना के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव को पत्र भेजा गया है।
पत्र में राज्य के 29 जिलों में चिन्हित एक से डेढ़ एकड़ भूमि पर बज्रगृह/परीक्षा भवन निर्माण के लिए तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। समिति के पत्र के अनुसार मुख्य वास्तुविद द्वारा तैयार संशोधित एवं अनुमोदित वास्तुविदीय नक्शा (मॉडल प्लान) भवन निर्माण विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इसके आधार पर राज्य के 29 जिलों में प्रस्तावित भवनों के निर्माण के लिए तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन तैयार किया गया है। कुल तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलित राशि 3307.13 लाख रुपये बताई गई है। समिति ने तत्काल 12 जिलों में भू-स्थल के लिए चयनित स्थानों पर बज्रगृह/परीक्षा भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। इसी सूची में लखीसराय जिले के लिए 2 श्री ढ़ेरनाथ महादेव उच्च विद्यालय, शर्मा, रामगढ़ चौक को स्थल के रूप में शामिल किया गया है। नए बज्रगृह सह परीक्षा भवन के निर्माण से जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट समेत विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों एवं उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जिले को परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना की सुविधा मिलेगी।


