सिर्फ मुफ्त अनाज की घोषणा कर मोदी सरकार श्रमिकों के साथ मजाक : कांग्रेस
कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त दो माह तक खाद्यान्न देने की घोषणा को मजाक करार दिया है। पार्टी ने सरकार की तरफ से घोषित आर्थिक पैकेज पर निराशा जताते हुए कहा है कि सरकार कोरोना संकट से पैदा हुए...

कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त दो माह तक खाद्यान्न देने की घोषणा को मजाक करार दिया है। पार्टी ने सरकार की तरफ से घोषित आर्थिक पैकेज पर निराशा जताते हुए कहा है कि सरकार कोरोना संकट से पैदा हुए हालात से निपटने में विफल रही है। सरकार के पास हर समस्या का हल पांच किलो अनाज है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विशेष आर्थिक पैकेज की दूसरी कड़ी की घोषणा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि आर्थिक पैकेज का मतलब यह है कि आप कितना पैसा लोगों की जेब में डाल रहे हैं। पर सरकार पांच किलो चावल या गेंहू दे रही है। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार प्रवासी मजदूरों के सुरक्षित घर पहुंचाने के साथ हर मजदूर के खाते में दस हजार रुपए जमा करने का ऐलान करती। पर उनका ऐलान सिर्फ अनाज तक सीमित रहा।
मनीष तिवारी ने सरकार के आठ करोड़ मजदूरों के आंकड़े पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनसंख्या के मुताबिक देश में 11 करोड़ मजदूर हैं। पिछले दस साल में यह आंकड़ा बढ़कर दो गुना हो गया। पर वित्त मंत्री ने मुफ्त खाद्यान्न की घोषणा आठ करोड़ मजदूरों के लिए की है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास मजदूरों के लिए सिर्फ मुफ्त खाद्यान्न पर खर्च होने वाले 35 हजार रुपए हैं। इसके अलावा 1500 करोड़ रुपए के मुद्रा शिशु लोन पर ब्याज में दो फीसदी की छूट दी गई है। ऐसे में सरकार के पास सिर्फ गरीबों के लिए पांच हजार करोड़ हैं।
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Amit Guptaअमित गुप्ता 'लाइव हिन्दुस्तान' में न्यूज एडिटर हैं।
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