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हिंदी न्यूज़ देश'गांधी परिवार के बिना कांग्रेस कुछ भी नहीं', अध्यक्ष चुनाव से पहले आलाकमान को रिझाने में जुटे दिग्विजय सिंह

'गांधी परिवार के बिना कांग्रेस कुछ भी नहीं', अध्यक्ष चुनाव से पहले आलाकमान को रिझाने में जुटे दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा,

'गांधी परिवार के बिना कांग्रेस कुछ भी नहीं', अध्यक्ष चुनाव से पहले आलाकमान को रिझाने में जुटे दिग्विजय सिंह
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 29 Sep 2022 09:05 PM
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कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आलाकमान को रिझाने में जुटे हैं। अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से एक दिन पहले, दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी नेहरू-गांधी परिवार के बिना कुछ भी नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा, "नेहरू-गांधी परिवार के बिना, कांग्रेस शून्य है।" कांग्रेस की राज्य इकाइयों में हाल के संकट के बारे में बोलते हुए, दिग्विजय सिंह ने कहा, "इस पार्टी के भीतर कई बार विभाजन हुए हैं, लेकिन 99 प्रतिशत कांग्रेसियों ने उस परिवार का समर्थन किया है जिसने आजादी से पहले और बाद में भी देश की सेवा की है।" 

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं यहां (नामांकन) फॉर्म दाखिल करने के लिए हूं, और फिर मैं भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए वापस आऊंगा। प्रत्येक पीसीसी प्रतिनिधि को अध्यक्ष चुनाव लड़ने का अधिकार है। मैंने नेहरू-गांधी परिवार के साथ अपने नामांकन पर चर्चा नहीं की है। मैंने एके एंटनी, खड़गे जी सहित कई वरिष्ठों से मुलाकात की।" उन्होंने आगे कहा, "नेहरू-गांधी परिवार हमारा नेता रहेगा। जो भी पार्टी अध्यक्ष बनेगा वह उनके नेतृत्व में काम करेगा...हमारी प्राथमिकता यह देखना है कि देश के हालात कैसे सुधरते हैं, देश को बंटने नहीं देंगे या संविधान को कमजोर नहीं होने देंगे।"

यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस पार्टी का चेहरा कौन होगा, इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, "नेहरू-गांधी परिवार के बिना, कांग्रेस की कोई पहचान नहीं होगी।" कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को छोड़कर दिग्विजय सिंह बुधवार देर रात दिल्ली पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र हासिल किया। उनके शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की उम्मीद है। गौरतलब है कि अशोक गहलोत के वफादारों की बगावत के कुछ दिनों बाद कांग्रेस की राजस्थान इकाई में संकट पैदा हो गया था। इस संकट पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना को टाला जा सकता था। 

इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में, दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अशोक गहलोत ने कांग्रेस प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ा होता, तो पार्टी उनके फैसले का सम्मान करती। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया है। अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि उन्होंने राजस्थान कांग्रेस में संकट को लेकर सोनिया गांधी से माफी मांगी है। गहलोत पहले कांग्रेस अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे थे क्योंकि उन्हें आलाकमान का समर्थन हासिल था। अब गहलोत के रेस से बाहर होने के बाद दिग्विजय आलाकमान का आशीर्वाद देने की कोशिश में हैं। 

सोनिया गांधी के आवास ‘10 जनपथ’ पर उनसे मुलाकात के बाद गहलोत ने यह भी कहा कि उनके मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के बारे में फैसला सोनिया गांधी करेंगी। पार्टी की राजस्थान इकाई में संकट पैदा होने के बाद गहलोत पहली बार दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पिछले 50 वर्षों से कांग्रेस का वफादार सिपाही रहा हूं...जो घटना दो दिन पहले हुई उसने हम सबको हिलाकर रख दिया। मुझे जो दुख है वो मैं ही जान सकता हूं। पूरे देश में यह संदेश चला गया कि मैं मुख्यमंत्री बने रहना चाहता हूं इसलिए यह सब हो रहा है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से आरम्भ हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे।

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