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3 मार्च, 2021|10:19|IST

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VIDEO: कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर जमे प्रदर्शनकारी किसानों ने कांग्रेस सांसद से की धक्का-मुक्की

farmers protest at the singhu border between delhi and haryana   ap

तीन नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को कथित तौर पर लुधियाना के कांग्रेस सांसद रणवीत सिंह बिट्टु के साथ धक्का-मुक्की की। इस बीच, प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे 'संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक सदस्य ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड की शुरुआत दिल्ली के पांच सीमा बिंदुओं - सिंघू, टिकरी, गाजीपुर, पलवल और शाहजहांपुर से होने की संभावना है - जहां किसान पिछले साल 28 नवंबर से डेरा डाले हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड की समाप्ति के बाद शुरू होगी और शाम 6 बजे के करीब समाप्त होने से पहले 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। एसकेएम सदस्य ने कहा कि परेड के दौरान प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विरोध स्थल पर एक कक्ष स्थापित किया गया है। इन प्रत्येक कक्षों में डॉक्टर, सुरक्षाकर्मी और सोशल मीडिया प्रबंधकों सहित 40 सदस्य होंगे। किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए मार्ग के किनारे लगभग 40 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी।

एक अन्य किसान नेता ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए 2,500 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है कि परेड शांतिपूर्ण रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। स्वयंसेवकों को बैज और पहचान पत्र दिए गए हैं। विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों की एक टीम भी सुरक्षा स्थिति पर नजर रखेगी। किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने देने के लिए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बार्डर से बैरिकेड हटाने पर सहमति व्यक्त की है। किसान नेताओं ने कहा कि ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण रहेगी और किसी भी तरह से आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड को प्रभावित नहीं करेगी। गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं।

क्या है मामला
कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था। सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी। वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

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  • Web Title:Congress MP Ravneet Singh Bittu was allegedly heckled by farmers at Singhu border in Delhi