DA Image
19 जनवरी, 2021|9:12|IST

अगली स्टोरी

कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने फेसबुक के खिलाफ आरोपों की संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की

facebook india is facing political heat in india after a report in the wall street journal  file pho

कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने गुरुवार को देश के चुनावी लोकतंत्र में फेसबुक के कथित हस्तक्षेप करने के मामलों की संसदीय समिति द्वारा जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने नफरत फैलाने वाले सभी भाषणों को प्रकाशित किया जिन्हें साल 2014 से अनुमति दी गई थी।

राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से इस मामले को उठाते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि मीडिया में छपी खबरों से सामग्रियों के विनियमन के मामले में फेसबुक इंडिया के ''कट्टर पूर्वाग्रहों'' और संदिग्ध तौर तरीकों के बारे में खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा, ''देश के चुनावी लोकतंत्र में फेसबुक इंडिया के हस्तक्षेप का यह घातक और गंभीर आरोप है। उन्होंने कहा कि फेसबुक और व्हाट्सएप के उपयोगकर्ताओं के मामले में, भारत सबसे बड़े बाजारों में से एक है।

उन्होंने कहा कि इसलिए, फेसबुक से सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्व की उम्मीदें भारत जैसे देशों में अधिक हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि रिपोर्टो में यह भी कहा गया है कि कम से कम तीन राजनेताओं के घृणास्पद भाषण को फेसबुक इंडिया द्वारा जानबूझ कर अनुमति दी गई थी।

उन्होंने कहा, ''पिछले कुछ वर्षों में, हमने फेसबुक और व्हाट्सएप के कई अधिकारियों के साथ पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का मुद्दा उठाया है, जो अनसूना ही रहा।  उन्होंने मांग की कि सरकार, फेसबुक इंडिया के नेतृत्वकारी दल और उनके कामकाज के संदर्भ में फेसबुक मुख्यालय द्वारा उच्च-स्तरीय जांच कराने के लिए कहें और उचित समय के भीतर फेसबुक इंक के बोर्ड को एक रिपोर्ट दे।

उन्होंने वर्ष 2014 के बाद से नफरत फैलाने वाले प्रकाशित भाषणों को ''प्रकाशित करने और इसे पारदर्शी बनाने की मांग की, जिसे फेसबुक प्लेटफार्म पर प्रकाशित करने की'' अनुमति दी गई थी। कांग्रेस सांसद ने कहा, ''हमारे चुनावी लोकतंत्र में फेसबुक के हस्तक्षेप के इस गंभीर मुद्दे की जांच संसदीय समिति द्वारा शुरू की जानी चाहिए।''

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Congress leader Venugopal demands a parliamentary committee probe into allegations against Facebook