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4 अप्रैल, 2021|6:44|IST

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कांग्रेस के G-23 ने बनाई नई रणनीति, पांचों राज्यों में चुनाव खत्म होने तक रहेंगे शांत

                                g-23

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस के असंतुष्ट नेता (जी-23) 'शांत' रहेंगे। नतीजे घोषित होने तक वे कोई कार्यक्रम नहीं करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, असंतुष्ट नेता नहीं चाहते कि चुनाव प्रचार के बीच उनकी किसी गतिविधि से कोई गलत संदेश जाए। कांग्रेस के असंतुष्ट नेता जम्मू के बाद हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में थे। इसकी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा संभाल रहे थे, पर असंतुष्ट नेताओं के एक गुट का मानना है कि पांच राज्यों के चुनाव के बीच इस तरह के सम्मेलन से गलत संदेश जाएगा।

उसके कई मायने निकाले जाएंगे। असंतुष्ट नेता लगातार यह दलील दे रहे हैं कि वे कांग्रेस को मजबूत देखना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी उन्होंने इसी संदर्भ में लिखा था। पर चुनाव के बीच पार्टी के अंदर अपनी ताकत का एहसास कराने से दूरियां और बढ़ सकती हैं। जम्मू में हुए कार्यक्रम पर पार्टी नेताओं ने सवाल उठाए थे।

प्रचार का मौका नहीं मिलेगा
असंतुष्ट नेताओं में शामिल एक नेता से जब यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस की तरफ से उन्हें चुनाव प्रचार का कार्यक्रम भेजा गया है तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें नहीं मिला है। हालांकि, असंतुष्ट नेताओं के कई बयानों के बाद इस बात की संभावना बेहद कम है कि कांग्रेस उन्हें चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपेगी। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जी-23 का हिस्सा गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और वह अपने साथियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। आजाद ने कहा कि पार्टी हमें जहां भी भेजेगी या फिर उम्मीदवार जहां भी बुलाएंगे, वहां हम प्रचार करेंगे।

पार्टी भी टिप्पणी से बच रही
कांग्रेस भी लगातार असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी से परहेज बरत रही है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पिछले दिनों कहा था कि वे सभी पार्टी के सम्मानित नेता और कांग्रेस परिवार का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने इन नेताओं से पांच राज्यों में चुनाव प्रचार करने का भी आग्रह किया था।

पांच राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव
पश्चिम बंगाल के अलावा, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बंगाल में आठ चरण, असम में तीन, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में विधानसभा चुनाव करवाए जाएंगे। वहीं, सभी राज्यों में वोटों की गिनती 2 मई को होगी। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी के बीच में मुख्य मुकाबला है। इसके अलावा, तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी एआईएडीएमके और डीएमके के बीच होगा। 

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  • Web Title:Congress G 23 new strategy Silent till elections in five states will end