पिछड़ा वर्ग का कॉलम हटाया तो सामने नहीं आएगी असली संख्या

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
Follow us on Google News
share

फोटो: एडीएम सिटी उत्कर्ष श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस पिछला वर्ग के पदाधिकारी -जातिगत

पिछड़ा वर्ग का कॉलम हटाया तो सामने नहीं आएगी असली संख्या

गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की वास्तविक संख्या सामने लाने के लिए अलग कॉलम और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग ने सोमवार को आवाज बुलंद की। जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग और महानगर कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग के संयुक्त नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी उत्कर्ष श्रीवास्तव के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

पिछड़ा वर्ग की मांग

जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस अध्यक्ष अशोक कुमार निषाद ने कहा कि जनगणना-2027 के प्रपत्र में पिछड़ा वर्ग का अलग कॉलम नहीं होने और जातियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से पिछड़े वर्ग की वास्तविक संख्या सामने नहीं आ सकेगी। मांग की कि प्रपत्र में पिछड़ा वर्ग का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए और नागरिकों को पहले से निर्धारित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराई जाए। ताकि एक ही जाति के अलग-अलग नाम दर्ज होने की स्थिति न बने। अशोक कुमार निषाद ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग करते रहे हैं और केंद्र सरकार ने भी वर्ष 2027 में जातिगत जनगणना कराने की बात कही है। ऐसे में पिछड़ा वर्ग की जातियों का सही आंकड़ा जुटाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

ज्ञापन में मांग

ज्ञापन में मांग की गई कि पिछड़ा वर्ग का कॉलम जोड़ने के साथ जातियों की निर्धारित सूची के आधार पर ही आंकड़े दर्ज किए जाएं। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष फिशरमैन कांग्रेस अशोक कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस गोरखनाथ यादव, प्रदेश महासचिव देवेंद्र कुमार निषाद धनुष, पीसीसी सदस्य राजेंद्र यादव, जय नारायण यादव, जितेंद्र विश्वकर्मा, अभय सिंह, अभिमन्यु विश्वकर्मा, वेद प्रकाश, राजेश निषाद, आदर्श निषाद, सतपाल यादव, गुलाम ताहिर, राजकुमार, आनंद कुमार, अमित कुमार निषाद, रमेश कश्यप, अनिल कश्यप समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦कांग्रेस पिछड़ा वर्ग ने किस मांग को उठाया है?−
कांग्रेस पिछड़ा वर्ग ने जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की वास्तविक संख्या के लिए अलग कॉलम और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची की मांग की है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsपिछड़ा वर्ग का कॉलम हटाया तो सामने नहीं आएगी असली संख्या