उद्योग की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला चिंताजनक : कांग्रेस
कांग्रेस ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा 'उद्योग' की परिभाषा को लेकर दिए गए फैसले को चिंताजनक बताया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश का कहना है कि यह निर्णय श्रम संबंधों में अनिश्चितता पैदा कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 में मजदूरों के सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर किया है।

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के ‘उद्योग’ की परिभाषा से जुड़ा हालिया फैसला चिंताजनक है। कांग्रेस का कहना है कि इससे ऐसे समय श्रम संबंधों में अनिश्चितता पैदा हुई है, जब निजी क्षेत्र द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराने की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का अगस्त 2026 का बहुमत का फैसला चिंताजनक है। यह ऐसे समय में श्रम संबंधों में अनिश्चितता पैदा करता है, जब औद्योगिक शांति के लिए स्पष्टता बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 कथित रूप से श्रमिकों के लिए जरूरी सुरक्षा प्रावधानों को पहले ही काफी कमजोर करती है।बता
दें कि सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने 20 अगस्त को 6:3 के बहुमत से कहा था कि 1978 के अपने फैसले में दी गई श्रम हितैषी और व्यापक ‘उद्योग’ की परिभाषा को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की व्याख्या के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता।


