कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि 2014 के बाद से सरकार के दावों की वास्तविकता उजागर हुई है। उन्होंने विभिन्न मुद्दों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी ने शिक्षा मंत्री की परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और अन्य मामलों पर भी सरकार को जवाब देने को कहा।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र सरकार का ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। अपने आरोपों के समर्थन में पार्टी ने सिलसिलेवार कई मुद्दे गिनाते हुए सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मई 2014 के बाद की घटनाओं ने इस दावे की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नोटबंदी पर की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए जयराम ने कहा कि मनमोहन सिंह ने इसे संगठित लूट और वैध ठहराई गई लूट बताया था। जयराम ने आरोप लगाया कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) को ओएनजीसी में विलय कर 20,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को छिपाने का प्रयास किया गया। चुनावी बॉन्ड योजना को ‘चंदा दो, धंधा लो’ घोटाला करार देते हुए कहा कि इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढावा मिला। इसके साथ पीएम केयर फंड और राफेल सौदा भी बड़ा घोटाला है। उन्होंने दावा किया कि हाल के सप्ताहों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर सवाल खड़े करती हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे लोगों की आस्था को चोट पहुंची है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद वह पद पर बने हुए हैं。
कांग्रेस के आरोप
पार्टी महासचिव ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर रिश्तेदारों को कथित लाभ पहुंचाने के आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप भी लगाया कि विपक्षी दलों को वित्तीय प्रलोभन देकर तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में एक राज्य मंत्री अपनी ही मंत्रालय की योजना के तहत सब्सिडी लेने के बावजूद पद पर बने हुए हैं। पर्यावरण मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री के चार करीबी सहयोगियों को अचानक हटाने का उल्लेख करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि इससे कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ई-20 पेट्रोल से जुड़े फैसलों से एक केंद्रीय मंत्री के परिवार को लाभ पहुंचाने का प्रयास हो रहा है तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य शासन-प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री पर हमला
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधा। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली भ्रष्ट और समझौता परक बन गई है, जिससे करोड़ों युवाओं की उम्मीदों को आघात पहुंचा है। पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने के साथ उन्होंने केंद्र सरकार से जवाब देने की मांग की।
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