जातिगत जनगणना का मौजूदा प्रारूप दोषपूर्ण, सरकार की नीयत साफ नहीं : अनिल जयहिंद
- कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने कहा, मौजूदा प्रारूप से

कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अनिल जयहिंद ने शनिवार को कहा कि जातिगत जनगणना का मौजूदा प्रारूप दोषपूर्ण है। सरकार की नीयत साफ नहीं है, इसलिए वह सही गिनती नहीं करवाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रारूप से जातियों की गिनती नहीं हो सकती है।
जातिगत जनगणना की खामियां
अनिल ने कहा कि सही गिनती से ही सही आंकड़े मिलेंगे और उससे ही सही हिस्सेदारी व सामाजिक न्याय संभव होगा। कांग्रेस जनगणना के मौजूदा प्रारूप को खारिज करते हुए इसकी प्रश्नावली रद्द करने की मांग की है। तेलंगाना और बिहार की तर्ज पर जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करके जनगणना की जाए। सरकार द्वारा जारी 40 सवालों की सूची में 10वें नंबर के सवाल से ही स्पष्ट है कि सरकार जातिगत जनगणना से भाग रही है।
अन्य पिछड़ा वर्ग की चिंता
उन्होंने कहा कि ड्रॉपडाउन सूची में सरकार द्वारा मान्य जातियों की एक तय सूची पहले से ही दर्ज होती है। जनगणना करने वाले को नागरिक की जाति पूछकर सूची में उसे चुनना होता है। इसमें कोई पूर्व निर्धारित सूची ही नहीं है। गलत तरीके से होने वाली जाति जनगणना की कीमत सबसे अधिक ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग)-ईबीसी (अति पिछड़े वर्ग) एवं वंचित वर्ग चुकाएंगे। अगर अलग-अलग नाम, उपनाम और स्पेलिंग के कारण त्रुटि हुई तो ओबीसी-ईबीसी की वास्तविक संख्या कैसे पता चलेगी? देश में लगभग 4,200 जातियां हैं, केंद्र व राज्यों सरकारों के पास पहले से ही इनकी सूचियां उपलब्ध हैं।
राहुल गांधी का पत्र
केंद्र सरकार को राहुल गांधी ने लिखा है पत्र
यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने इस अवसर पर बताया कि जतीय जनगणना में मौजूद खामियों पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा जातीय जनगणना के आवेदन प्रपत्र में एसटी और एससी श्रेणी में मौजूद उपजातियों के उल्लेख तो हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग के कॉलम में पिछड़ा वर्ग के उपजातियों का लिस्ट मौजूद नहीं है। इससे देश की एक बड़ी आबादी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जातीय जनगणना में इन खामियों को अगर सुधार नहीं करती है तो आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।


