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तीन राज्यों में मिली जीत से पटरी पर लौटी कांग्रेस लेकिन असली चुनौती बाकी

राहुल गांधी

छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की चुनावी सफलता के बावजूद पार्टी की चुनौतियां बाकी है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि अभी उसे भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने और राज्यों में अपने संगठन को सशक्त करने की दोहरी चुनौती से पार पाना है। इन राज्यों में चुनावी लाभ से उत्साहित कांग्रेस अब पंजाब, कर्नाटक और पुडुचेरी समेत छह राज्यों में सत्तासीन है लेकिन उसके समक्ष असली चुनौती 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पराजित करना है। इस संबंध में व्यापक तौर पर महसूस किया जा रहा है कि उसे अन्य विपक्षी दलों की मदद की जरुरत होगी।

चुनाव नतीजों का असर: एनडीए में सहयोगी दलों का भाजपा पर बढ़ेगा दबाव

फिलहाल छत्तीसगढ़ में जबर्दस्त जीत व राजस्थान एवं मध्यप्रदेश में भाजपा को किनारे धकेलकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी गिरावट की दिशा पलट दी है और उसने 2019 के चुनाव की अपनी तैयारी का संकेत दे दिया है। 2019 आम चुनाव भाजपा बनाम अन्य सभी होने की उम्मीद है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में सामान्य बहुमत से पार्टी का थोड़ा ही पीछे रह जाना रेखांकित करता है कि अन्य दलों को अपने साथ लाना उसके लिए अब भी महत्वपूर्ण है।

टीडीपी के साथ गठजोड़ करने के बावजूद तेलंगाना में करारी हार से पार्टी के अंदरुनी संगठन की कमियां सामने आयी है। तेलंगाना में क्षेत्रीय ताकतों की जीत और मिजोरम के भी हाथ से निकल जाने से राजनीतिक रुप से विविधता भरे इस लोकतंत्र में गैर भाजपा और गैर कांग्रेस दलों का महत्व सामने आता है।

विधानसभा चुनाव जीत को पूरे देश में मिसाल के तौर पर पेश करेगी कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2019 में भाजपा को चुनौती देने के लिए कामकाजी गैर भाजपा गठबंधन की प्रासंगिकता के प्रति सजग जान पड़ते हैं। उन्होंने पार्टी की जीत पर अपने भाषण में कहा कि मजबूती के साथ उभरी कांग्रेस और विपक्ष, भाजपा को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।

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  • Web Title:Congress back on track with victory in three states but real challenge remains