खनन की अनुमति के लिए हुई ‘अंगूठा चोरी’ : कांग्रेस
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि मृत लोगों के अंगूठों के निशान का उपयोग करके खनन की अनुमति प्राप्त की गई। पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की, जबकि नेताओं ने कहा कि यह वन अधिकार कानून और पेसा अधिनियम का उल्लंघन है। आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा कमजोर हो रही है।

कांग्रेस ने गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार पर मृत लोगों के अंगूठों के निशान लगाकर खनन की अनुमति लेने का आरोप लगाया। पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्टी के वरिष्ठ नेता के. राजू और विक्रांत भूरिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिंगरौली स्थित धिरौली कोयला ब्लॉक में फर्जी ग्राम सभाओं और मृत लोगों के अंगूठों के निशान का इस्तेमाल कर खनन की अनुमति ली गई। के. राजू ने कहा कि यह वन अधिकार कानून और पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम यानी ‘पेसा’ कानून का उल्लंघन है।
इसलिए मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।पार्टी के प्रकोष्ठ आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने इसे इसे अंगूठा चोरी करार दिया। आरटीआई से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि सिंगरौली में खनन की अनुमति के लिए उन ग्रामवासियों के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया गया जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। भूरिया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में विकास के नाम पर आदिवासियों के खिलाफ अन्याय हुआ है और उनकी संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर किया गया। आदिवासी विरोध करते हैं, तो पुलिस प्रशासन उनकी आवाज दबा देता है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम की धारा-3 आदिवासी समुदायों को सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन का अधिकार देती है। इसके बावजूद भूमि अधिग्रहण जारी है और लोगों को उचित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के बिना विस्थापित किया जा रहा है।


