जमीन हमारी, खनिज हमारा तो राजस्व भी हमारा होगा : राकेश सिन्हा
झारखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर खनिज संपदा और राजस्व पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन से राज्य को 22 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, ग्रामसभा के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया।

खूंटी, संवाददाता। कांग्रेस ने प्रस्तावित एमएमडीआर संशोधन को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर राज्य की खनिज संपदा और राजस्व पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने शनिवार को सांसद कालीचरण मुंडा के आवासीय परिसर स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता में कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और खनिज संपदा राज्य के राजस्व का प्रमुख आधार है। इसी राजस्व से अबुआ आवास योजना, स्वास्थ्य, सड़क-नाली निर्माण समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं। राकेश सिन्हा ने कहा कि जमीन हमारी, खनिज हमारा और विस्थापन भी हमारा है। खनन से होने वाला प्रदूषण झारखंड को झेलना पड़ता है, लेकिन राजस्व पर अधिकार कोई दूसरा करे, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि एमएमडीआर संशोधन से राज्य को प्रतिवर्ष करीब 22 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित होंगी。
ग्रामसभा के अधिकार
उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधन के जरिए ग्रामसभा के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामसभा कमजोर होने से आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकार भी प्रभावित होंगे। सिन्हा के अनुसार, पूर्व व्यवस्था में खनन के लिए 10 किलोमीटर के दायरे की सीमा थी, जबकि संशोधन में स्पष्ट सीमा नहीं होने से पूरे जिले में खनन गतिविधियों के विस्तार की आशंका है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। 7 सितंबर को लोकभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा
प्रेस वार्ता में सिन्हा ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे करोड़ों सनातनियों की आस्था पर प्रहार बताते हुए कहा कि केवल सीईओ की नियुक्ति से जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा की जवाबदेही तय करने तथा मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
भाजपा की आलोचना
प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने कहा कि भाजपा पहले मंईयां सम्मान योजना और 200 यूनिट मुफ्त बिजली को लेकर सरकार की आर्थिक क्षमता पर सवाल उठाती थी। उन्होंने दावा किया कि एमएमडीआर संशोधन से झारखंड को 22 से 26 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। उन्होंने राज्य के निर्यात में करीब 30 प्रतिशत वृद्धि का भी दावा किया। मौके पर जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा और उपाध्यक्ष विक्रम नाग उपस्थित थे。


