सम्मेदशिखर पारसनाथ: वंदना पथ पर रीलबाजी और स्टंट से जैन समाज में नाराजगी

हिन्दुस्तान, गिरडीह
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पीरटांड़। जैन धर्मावलंबियों के सर्वोच्च आस्था केंद्र श्री सम्मेदशिखर पारसनाथ में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बीच पवित्रता को लेकर चिंता गहराने लगी है। जैन समाज ने पर्यटकों से अपील की है कि वे धार्मिक मर्यादा का सम्मान करें और स्वच्छता बनाए रखें।

सम्मेदशिखर पारसनाथ: वंदना पथ पर रीलबाजी और स्टंट से जैन समाज में नाराजगी

पीरटांड़। जैन धर्मावलंबियों के सर्वोच्च आस्था केंद्र श्री सम्मेदशिखर पारसनाथ में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बीच सिद्धक्षेत्र की पवित्रता को लेकर चिंता गहराने लगी है। वंदना पथ पर कुछ पर्यटकों द्वारा बाइक से स्टंट करने, रील बनाने और अनुचित व्यवहार किए जाने से जैन श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। जैन समाज ने सिद्धक्षेत्र की पवित्रता और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है पारसनाथ

धार्मिक मान्यताएँ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सम्मेदशिखर पारसनाथ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जैन धर्मावलंबियों का सिद्धक्षेत्र है। जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने इसी पावन भूमि से मोक्ष प्राप्त किया था। पहाड़ की विभिन्न चोटियों पर तीर्थंकर भगवान के पवित्र पदचिन्ह (टोंक) स्थित हैं। देश-विदेश से हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां पर्वत की वंदना और आध्यात्मिक साधना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वंदना पथ पर बाइक स्टंट, तेज रफ्तार वाहन चलाना, रीलबाजी और शोर-शराबा करने से धार्मिक वातावरण व आराधना प्रभावित हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।

प्रशासन और पर्यटकों से अपील

जैन समाज ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि वंदना पथ पर रीलबाजी और स्टंट जैसी गतिविधियों पर तुरंत प्रभावी रोक लगाई जाए। तीर्थक्षेत्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, समाज ने सम्मेदशिखर आने वाले सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन तीर्थ की धार्मिक मर्यादा का सम्मान करें और स्वच्छता बनाए रखें।

क्या कहते हैं जैनन संगठन के पदधारी

वंदना पथ के रास्ते रीलबाजी और शोर-शराबे से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। तीर्थक्षेत्र का धार्मिक माहौल प्रभावित हो रहा है, जिसकी पवित्रता व गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। -- वीरेंद्र जैन, सीईओ, तेरहपंथी कोठी

पारसनाथ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि साधना और आराधना का केंद्र है। श्रद्धालु यहां नंगे पांव और निर्जला रहकर तपस्या भाव से वंदना पूरी करते हैं। आगामी भगवान श्री पारसनाथ मोक्ष कल्याणक के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं और सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी सुनिश्चित की जाए।

-- सुनील जैन, मंत्री, गुणायतन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैन समाज ने पर्यटकों से क्या अपील की है?
जैन समाज ने पर्यटकों से अपील की है कि वे इस पावन तीर्थ की धार्मिक मर्यादा का सम्मान करें और स्वच्छता बनाए रखें।
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