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पुरी के जगन्नाथ मंदिर परिसर में पान-गुटखा खाने पर लगेगी रोक, जानें कब से लागू हो रहा यह नियम

दास ने कहा, 'मंदिर परिसर में पान और गुटखा नहीं खाने के लिए नवंबर और दिसंबर में जागरूकता फैलाई जाएगी, जबकि निषेध एक जनवरी से लागू होगा। नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।'

पुरी के जगन्नाथ मंदिर परिसर में पान-गुटखा खाने पर लगेगी रोक, जानें कब से लागू हो रहा यह नियम
Niteesh Kumarएजेंसी,पुरीTue, 14 Nov 2023 11:13 PM
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पुरी के जगन्नाथ मंदिर परिसर में 1 जनवरी से पान, गुटखा खाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगने जा रहा है। इस सिलसिले में लिए गए फैसले की घोषणा श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक रंजन कुमार दास ने की। दास ने कहा कि श्रद्धालुओं, सेवादारों और मंदिर के कर्मचारियों के लिए प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, 'मंदिर परिसर में पान और गुटखा नहीं खाने के लिए नवंबर और दिसंबर में जागरूकता फैलाई जाएगी, जबकि निषेध एक जनवरी से लागू होगा। नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।'

मंदिर प्रशासन ने इस विषय पर सेवादारों के शीर्ष संगठन छत्तीसा निजोग को भी पत्र लिखा है। इसने पत्र में कहा कि मंदिर परिसर में इस तरह की चीजें खाने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन नियम का कोई भी पालन नहीं कर रहा है। पिछले महीने मंदिर प्रशासन ने कहा था कि वह 1 जनवरी से श्रद्धालुओं के लिए एक 'ड्रेस कोड' लागू करेगा। दास ने कहा था, 'मंदिर की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। दुर्भाग्यवश, कुछ लोग दूसरे लोगों की धार्मिक भावनाओं की परवाह किए बिना मंदिर में आ जाते हैं।'

मंदिर मनोरंजन का कोई स्थान नहीं: रंजन दास
रंजन कुमार दास ने कहा था, 'कुछ लोगों को मंदिर में फटी जीन्स, बिना आस्तीन वाले वस्त्र और हाफ पैंट पहने देखा गया, मानो ये लोग समुद्री तट या पार्क में घूम रहे हों। मंदिर में भगवान रहते हैं, मंदिर मनोरंजन का कोई स्थान नहीं है।' दूसरी ओर, ओडिशा पुलिस ने कोरापुट जिले में मंदिर के पुजारी की हत्या के आरोप में 2 महिलाओं सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रमेश चंद्र त्रिपाठी 8 नवंबर को यहां बूढ़ी ठकुरानी मंदिर के पास अपने घर में मृत पाए गए थे।

कोरापुट की पुलिस उपाधीक्षक सरबनी नायक ने कहा, 'हमने इस मामले की जांच शुरू की और पाया कि दो महिलाएं, जो त्रिपाठी के घर में सहायक के रूप में काम करती थीं, उनकी मृत्यु के बाद ड्यूटी पर नहीं आईं। जब हमने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपने साथियों की मदद से पुजारी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।' नायक के मुताबिक आरोपियों की पहचान सरस्वती जानी, रमा गौड़ा, प्रताप टाकरी, किशन बाग, नीरज बेनिया, महेंद्र पाणिग्रही और अशोक रे के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि चूंकि त्रिपाठी अकेले रहते थे, जानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनका कीमती सामान लूटने की योजना बनाई।

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