राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर चला रात्रिकालीन रक्त पट संग्रह अभियान
गोपीकांदर, प्रतिनिधि। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर चला रात्रिकालीन रक्त पट संग्रह अभियानराष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर

गोपीकांदर, प्रतिनिधि। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रखंड गोपीकांदर के ग्राम गड़ियापानी में रात्रिकालीन रक्त पट संग्रह अभियान को सफल बनाने हेतु एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को फाइलेरिया (हाथीपांव) रोग के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बताया गया कि फाइलेरिया एक मच्छर जनित रोग है, जिसकी पहचान के लिए रात्रि के समय रक्त का नमूना संग्रह किया जाता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे निर्धारित समय पर अपने घरों में उपस्थित रहकर रक्त का नमूना देने में सहयोग करें, ताकि रोग की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं नियंत्रण की कार्रवाई की जा सके।
बैठक के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि फाइलेरिया एक रोके जाने योग्य एवं उपचार योग्य बीमारी है। सामुदायिक सहभागिता और नियमित जांच से इस रोग के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम सभा में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अभियान में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे रात्रि रक्त पट संग्रह अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर ग्राम सभा में भीबीडी सुपरवाइजर प्रेमतोष बास्की, पिरामल स्वास्थ्य ब्लॉक कोडीनेटर सुदीप्त मंडल, एम एस डब्ल्यू नितेश हेंब्रम, सहिया सुजाता मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।


