इको सेंसेटिव जोन के प्रबंधन की हुई समीक्षा
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आयुक्त गिरिवर दयालसिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें इको सेंसेटिव जोन की समीक्षा की गई। बैठक में प्रदूषण रोकने और फसल क्षति के मुआवजे के दिशा निर्देश जारी किए गए। इसमें विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे और मॉनिटरिंग कमेटी के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बेतिया हमारे संवाददाता। वाल्मीकि प्रोजेक्ट टाइगर के मांगुराहा गेस्ट हाउस पर शुक्रवार को आयुक्त गिरिवर दयालसिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दक्षिण में स्थित इको सेंसेटिव जोन की समीक्षा की गई। इसमें उपस्थित आयुक्त ने कई दिशा निर्देश जारी किए। वीटीआर के निदेशक गौरव ओझा बतौर सदस्य इस बैठक में उपस्थित थे । उन्होंने भी समीक्षात्मक बैठक के दौरान अपने विचार व्यक्त किया। इस बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, माइनिंग ऑफिसर सहित डीएफओ भी शामिल थे। इको सेंसेटिव जोन के मॉनिटरिंग कमेटी के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके प्रबंधन पर विशेष फोकस किया गया।
निगरानी समिति विस्तृत तरीके से कार्य करें इसका निर्देश दिया गया। प्रदूषण रोकने के लिए भी दिशा निर्देश जारी किया गया। इसके अतिरिक्त चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के निर्देश के आलोक में बेतिया के बेलबाग में पंचायती राज अधिकारी और किसानों तथा मुखिया के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें घोरपरासऔर जंगली सूअर के द्वारा फसलों की क्षति के मुआवजा के प्रावधान को व्यवस्थित तरीके से प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया।


