अग्रसेन के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
देवघर में अग्र चेतना अभियान के अंतर्गत सामूहिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाराजा अग्रसेन की संस्कृति और आदर्शों पर चिंतन करना था। धृतमान सिंह ने Maharaja Agrasen के जीवन पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। सभी ने संकल्प लिया कि इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर जारी रखा जाएगा।

देवघर, कार्यालय संवाददाता। अग्र चेतना अभियान के अंतर्गत शुभम चैरिटेबल एंड वेलफेयर एसोसिएटेड की संस्थापिका एवं अध्यक्षा पुष्पा बजाज और उनकी सहयोगी बहनें (शिलांग) के आह्वान पर देवघर स्थित सिटी स्क्वायर होटल के सभागार में संगीता सुल्तानिया एवं चंदा टिबड़ेवाल के नेतृत्व में अग्र वंदना का सामूहिक आयोजन संपन्न हुआ।
उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाराजा अग्रसेन की महान संस्कृति, आदर्शों, सदाचार, सेवा, समरसता, सामाजिक एकता तथा एक ईंट-एक रुपया की अद्भुत लोक कल्याणकारी नीति पर सामूहिक चिंतन-मनन करना था। ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कारों और सामाजिक दायित्वों को सदैव स्मरण रखें तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें।
प्रेरणादायी उद्बोधन
मौके पर देवघर सत्संग से पधारे धृतमान सिंह गुरु भाई ने महाराजा अग्रसेन के जीवन, उनके उच्च आदर्शों, त्याग, सेवा, सामाजिक समरसता एवं मानवीय मूल्यों पर अत्यंत प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन आज भी समाज के लिए प्रकाश-स्तंभ है तथा उनके सिद्धांत वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पूर्व थे।
सांस्कृतिक संकल्प
उन्होंने समाज से आग्रह किया कि परिवारों में संस्कारों का संवर्धन कर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में अग्र वंदना का सामूहिक गायन भक्ति भाव से किया गया। इस आयोजन में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, सृजन, अग्रवाल समाज, अग्रवाल युवा मंच, मारवाड़ी सम्मेलन सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज की मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
भविष्य की दिशा
मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि अग्र वंदना को केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक जनजागरण अभियान के रूप में पूरे भारत में अग्रवाल समाज की महिलाओं के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। जिससे महाराजा अग्रसेन के आदर्श, संस्कार और सामाजिक चेतना घर-घर तथा नई पीढ़ी तक पहुंच सके। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं एवं उपस्थित समाज के बंधुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अग्र वंदना समाज को एकजुट करने, संस्कारों को सशक्त बनाने तथा महाराजा अग्रसेन की गौरवशाली विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक पहल है।


