आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस होंगे कोल्हान के स्मार्ट ग्रिड
कोल्हान में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए, बिजली निगम ने तीन नए स्मार्ट ग्रिड बनाने की योजना बनाई है। ये ग्रिड 200 मेगावाट की क्षमता के होंगे और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे फॉल्ट की पहचान और सुधार में आसानी होगी, जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।

कोल्हान में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए बिजली निगम ने तीन नए स्मार्ट ग्रिड बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित इन ग्रिडों की क्षमता करीब दो-दो सौ मेगावाट होगी। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, नए ग्रिड तैयार होने से आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। तीनों स्मार्ट ग्रिड आधुनिक तकनीक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रणाली से लैस होंगे। इन्हें स्काडा प्रणाली से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे ग्रिड के पैनल, यार्ड, इंसुलेटर, तार और अन्य उपकरणों में किसी तरह की तकनीकी खराबी आने पर उसकी जानकारी तत्काल मिल सकेगी।
फॉल्ट की पहचान होने के बाद उसे कम समय में दुरुस्त करना भी आसान होगा। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, कोल्हान में हर महीने बिजली का लोड बढ़ रहा है। गर्मी के दौरान वर्तमान मांग करीब 500 मेगावाट तक पहुंच जाती है। अनुमान है कि अगले पांच वर्ष में बिजली की खपत लगभग दोगुनी हो सकती है। इसी भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तीन नए स्मार्ट ग्रिड विकसित करने की योजना बनाई गई है। नई व्यवस्था से बिजली आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण बेहतर होगा। फॉल्ट का पता जल्द चलने से लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या भी कम होने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।


