सितंबर में मानसून कमजोर होने के संकेत, कोयला सप्लाई तेज होगी : मंत्रालय
धनबाद में कोल इंडिया ने जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के बावजूद कोयले का उत्पादन और सप्लाई जारी रखा। अप्रैल से अगस्त 2023 के दौरान, कोल इंडिया ने 322.90 मिलियन टन कोयले की सप्लाई की, जो पिछले साल के मुकाबले 6.70% अधिक है। बारिश कम होने से उत्पादन में सुधार हो रहा है।

धनबाद, विशेष संवाददाता। कोयला क्षेत्रों में भारी बारिश कम होने के साफ़ संकेत मिलने के साथ ही कोल इंडिया में कोयले का उत्पादन और सप्लाई तेज़ होने के संकेत हैं। जुलाई और अगस्त के दौरान लंबे समय तक बारिश होने के बावजूद खासकर पूर्वी-मध्य हिस्सों में कोल इंडिया ने सप्लाई का काम लगातार जारी रखा। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-अगस्त के दौरान, कोल इंडिया ने 322.90 मिलियन टन कोयले की सप्लाई की, जो पिछले साल इसी अवधि में सप्लाई किए गए 302.60 मिलियन टन से 6.70% ज़्यादा है। बारिश कम होने से ज़मीनी स्तर पर राहत मिल रही है। इससे डिस्पैच करना आसान हो गया है।
खदान के निचले स्तरों पर डूबी हुई कोयले की परतों को ज़्यादा पंपिंग करके उत्पादन के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है, जबकि खदान के अंदर के रास्तों की मरम्मत का काम ज़ोरों पर चल रहा है। सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में, जब बारिश का असर था, औसत दैनिक कोयला उत्पादन लगभग 1.36 मिलियन टन प्रति दिन था जो 4 सितंबर को को बारिश से सिर्फ़ एक दिन की राहत मिलने पर भी यह बढ़कर लगभग 1.7 मिलियन टन प्रति दिन हो गया।


