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सादगी पसंद टेक्नोक्रेट सीएम थे मनोहर पर्रिकर, गोवा में BJP को पहुंचाया टॉप पर

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गोवा में कांग्रेस में विभाजन के बाद अक्तूबर 2000 में जब पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना तो कमान सादगीपसंद और टेक्नोक्रेट मनोहर पर्रिकर को सौंपी गई। तब से लेकर अंतिम सांसों तक पर्रिकर दो दशक तक सियासत में छाये रहे। मनोहर पर्रिकर की गोवा में ही नहीं पूरे देश में छवि एक सीधे सादे, सौम्य और मृदुभाषी शख्स की रही, लेकिन सर्जिकल हमले ने दिखाया कि वे देशहित में वह कठोर फैसलों से भी नहीं हिचकते। राजनीति में प्रतिद्वंद्वी भी उनकी बेदाग छवि के कायल रहे। 63 वर्षीय पर्रिकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के तौर पर तीन वर्ष सेवाएं दीं।

आईआईटी करते हुए संघ के प्रचारक बने
पर्रिकर ने बहुत छोटी उम्र से आरएसएस से रिश्ता जोड़ लिया था। वह स्कूल के अंतिम दिनों में आरएसएस के मुख्य शिक्षक बन गए थे। संघ के साथ अपने जुड़ाव को लेकर कभी भी किसी तरह की हिचकिचाहट उन्होंने कभी नहीं दिखाई। आईआईटी बांबे से इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद भी संघ के लिए काम जारी रखा और पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 26 साल की उम्र में मापुसा में संघचालक बन गए। टेक्नोक्रेट पर्रिकर अक्सर संघ के गणवेश और हाथ में लाठी लिए नजर आते हैं।

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गोवा में भाजपा को शिखर पर पहुंचाया
गोवा के सबसे पुराने क्षेत्रीय राजनीतिक दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी की बढ़त रोकने के लिए भाजपा पर्रिकर को 90 के दशक में राजनीति में लाई। उन्होंने चुनावी राजनीति में 1994 में प्रवेश किया, जब उन्होंने पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता। वह जून से नवंबर 1999 तक गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे और भाजपा को सत्ता के शिखर पर ले गए। 

पार्टी पर संकट आया तो गोवा लौटे
2017 में जब गोवा में भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो यह पर्रिकर की लोकप्रियता ही थी कि छोटे दल उनके नाम पर साथ आने को तैयार हो गए। वह मार्च 2017 में राज्य लौटे और गोवा फॉरवर्ड पार्टी एवं एमजीपी जैसे दलों को गठबंधन सहयोगी बनाने में कामयाब रहे। राज्य में फिर भाजपा की सरकार बनी। यह उनकी सबको साथ लेकर चलने की नेतृत्व शैली ही थी कि बीमारी के बावजूद पार्टी नेताओं और गठबंधन के सहयोगियों का भरोसा उन पर बना रहा।

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  • Web Title:cm mahohar parrikar with his simplicity helped to become bjp top in goa state