ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देश'मनमाने ढंग से रद्द कर दिया नामांकन', सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उम्मीदवार; CJI चंद्रचूड़ बोले- ऐसे तो आ जाएगी अराजकता

'मनमाने ढंग से रद्द कर दिया नामांकन', सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उम्मीदवार; CJI चंद्रचूड़ बोले- ऐसे तो आ जाएगी अराजकता

जवाहर कुमार झा ने दावा किया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मनमाने और अवैध तरीके से उनके नामांकन को रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि आपको चुनावी याचिका दायर करनी होगी।

'मनमाने ढंग से रद्द कर दिया नामांकन', सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उम्मीदवार; CJI चंद्रचूड़ बोले- ऐसे तो आ जाएगी अराजकता
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 19 Apr 2024 07:43 PM
ऐप पर पढ़ें

CJI Chandrachud: लोकसभा चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार का नॉमिनेशन कैंसल होने के मामले में सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने शुक्रवार को दो टूक कहा कि यदि पर्चा रद्द होने के मामलों को एंटरटेन किया जाएगा तो फिर तो अराजकता आ जाएगी। दरअसल, बिहार की बांका लोकसभा सीट से जवाहर कुमार झा ने निर्दलीय पर्चा भरा था, लेकिन उनका नॉमिनेशन रिटर्निंग ऑफिसर ने कैंसल कर दिया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 

जवाहर कुमार झा ने अपनी याचिका में दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 में रिटर्निंग ऑफिसर ने मनमाने और अवैध तरीके से उनके नामांकन को रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि आपको चुनावी याचिका दायर करनी होगी। आप आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर नहीं कर सकते।  

अदालती सुनवाइयों को कवर करने वाले 'बार एंड बेंच' के अनुसार, सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ''अगर नामांकन पत्र खारिज होने को एंटरटेन करना शुरू कर दिया जाएगा तो चुनाव में अराजकता हो जाएगी। अगर हम नोटिस जारी करेंगे और मामले की सुनवाई करेंगे तो यह चुनाव से आगे बढ़ जाएगा। आपको चुनावी कानून के अनुशासन का पालन करना होगा। हम नामांकन पत्र की अस्वीकृति के खिलाफ याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध ऐसे उपाय अपना सकता है।''

गलतियां ठीक करने को मिले एक दिन
वकील अलख आलोक श्रीवास्तव के जरिए से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट से उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को खारिज करने में पूरे भारत में चुनाव रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा विवेक के मनमाने और दुर्भावनापूर्ण प्रयोग पर अंकुश लगाने का आग्रह किया गया था। याचिका में आग्रह किया गया कि पूरे भारत में चुनाव रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव नामांकन पत्रों में चिह्नित प्रत्येक गलतियों को ठीक करने के लिए उम्मीदवार को कम से कम एक दिन का अनिवार्य रूप से उचित अवसर प्रदान करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

'जवाहर झा को घोषित करें उम्मीदवार'
याचिका में कहा गया, "जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36(4) के अर्थ के भीतर विशेष रूप से परिभाषित करने के लिए तत्काल उचित रिट, आदेश या निर्देश जारी करें।"  इसमें जनसंपर्क कार्यालय, बांका द्वारा जारी 5 अप्रैल, 2024 की प्रेस विज्ञप्ति को रद्द करने और रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जिसके तहत जवाहर कुमार झा का नामांकन खारिज कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा था कि 26 अप्रैल, 2024 को बांका 27 संसदीय क्षेत्र में होने वाले आम चुनाव 2024 में लड़ने के लिए जवाहर झा को वैध उम्मीदवार घोषित किया जाए।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें