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बंगाल में भी CAA के तहत मिलने लगी नागरिकता, सरकार ने इन राज्यों में दिए प्रमाण पत्र

CAA in West Bengal : राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून को अधिसूचित कर दिया गया था लेकिन भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए नियम चार साल की देरी के बाद 11 मार्च को जारी किए

बंगाल में भी CAA के तहत मिलने लगी नागरिकता, सरकार ने इन राज्यों में दिए प्रमाण पत्र
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 29 May 2024 09:43 PM
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नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी सीएए के तहत नागरिकता प्रमाणपत्रों का पहला सेट जारी होने के दो सप्ताह से भी कम समय में, पश्चिम बंगाल में भी यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। बंगाल में सीएए का क्रियान्वयन एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के तहत पश्चिम बंगाल के अलावा, हरियाणा और उत्तराखंड में भी नागरिकता देने की शुरुआत कर दी है। 

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संबंधित राज्यों की अधिकार प्राप्त समिति ने तीनों राज्यों के आवेदकों को बुधवार को नागरिकता प्रदान की। नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की अधिसूचना के बाद दिल्ली की अधिकार प्राप्त समिति ने पहली बार भारतीय नागरिकता प्रदान की। इन आवेदकों को 15 मई को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव ने नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपा।

सीएए के नियमों को इस साल मार्च में ही अधिसूचित किया गया था, लेकिन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद इसके कार्यान्वयन को रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल में अपने चुनावी भाषणों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी के शासन में राज्य में "घुसपैठिए" पनप रहे हैं। उन्होंने बुधवार को भी यही आरोप दोहराया। 

बंगाल के काकद्वीप में चल रहे लोकसभा चुनावों के लिए अपनी आखिरी रैली में उन्होंने कहा, "बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकी बदली जा रही है। टीएमसी धार्मिक रूप से सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के खिलाफ है। वे सीएए का इतना विरोध क्यों कर रहे हैं? ये लोग (टीएमसी नेता) सीएए के बारे में झूठ क्यों बोल रहे हैं।"

क्या है सीएए

भारत सरकार ने दिसंबर 2019 में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से 31 दिसंबर 2014 को या इससे पहले आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने के लिए सीएए बनाया है। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून को अधिसूचित कर दिया गया था लेकिन भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए नियम चार साल की देरी के बाद 11 मार्च को जारी किए गए।