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24 जनवरी, 2020|2:56|IST

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मैराथन 12 घंटे चली बहस के बाद नागरिकता बिल लोकसभा में पास

citizenship amendment bill pass in lok sabha

नागरिकता संशोधन विधेयक सोमवार देर रात 12 बजे लोकसभा में पारित हो गया। मैराथन 12 घंटे चली बहस के बाद हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 311 जबकि विरोध में 80 वोट पड़े। अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इससे पहले विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मुस्लिमों का इस बिल से कोई वास्ता नहीं है। यह विधेयक कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है और अनुच्छेद-14 का उल्लंघन नहीं करता। यह केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के पीड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने के लिए लाया गया है। 

धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं: विधेयक पर चर्चा में 48 सदस्यों ने  हिस्सा लिया। शाह ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि भारत में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में शरणार्थियों के संरक्षण के लिए पर्याप्त कानून हैं।

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नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र: शाह ने 1950 में हुए नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इसे पूर्ण रूप से लागू ही नहीं किया गया। उन्होंने दोहराया कि यदि धर्म के आधार पर देश का विभाजन नहीं किया गया होता तो विधेयक की जरूरत नहीं पड़ती।

अल्पसंख्यक बढ़े: गृह मंत्री ने कहा कि 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23% थी, जो 2011 में 3.7% रह गई। बांग्लादेश में 1947 में अल्पसंख्यकों की आबादी 22% थी जो 2011 में कम होकर 7.8% रह गई। जबकि 1951 में देश में 9.8% मुस्लिम थे जो बढ़कर 14.23% हो गए हैं।

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एनआरसी लागू होकर रहेगा: शाह ने कहा कि हमारा रुख साफ है कि देश में एनआरसी लागू होकर रहेगा। हमारा घोषणापत्र ही इसकी पृष्ठभूमि है। उन्होंने कहा कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक में कोई संबंध नहीं है। वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को शरण देने की कोशिश करने वालों को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी रोहिंग्या को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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गृहमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों की चिंताओं को दूर किया
गृहमंत्री ने बिल को लेकर असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों की चिंताएं दूर की। शाह ने कहा, नगालैंड-मिजोरम इनर लाइन परमिट के जरिए संरक्षित हैं। मणिपुर के लोग भी इसमें शामिल किए जा रहे हैं। मालूम हो कि पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों के लिए इनर लाइन परमिट लेना होता है।

ओवैसी ने विरोध में विधेयक की प्रति फाड़ी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चर्चा के दौरान नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए विधेयक की प्रति फाड़ दी। इसका कड़ा विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह संसद का अपमान है।

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  • Web Title:Citizenship Bill Pass in Lok Sabha After 12 Hours Marathon Debate