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25 जनवरी, 2020|7:41|IST

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नागरिक बिल के विरोध में पूर्वोत्तर सुलगा, सेना अलर्ट पर, असम के 10 जिलों में इंटरनेट बंद; 10 खास बातें

assam cab protest

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ बुधवार (11 दिसंबर) को पूर्वोत्तर सुलग उठा। असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और उग्र प्रदर्शन किया। कई जगह से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।

असम में मुख्यमंत्री के आवास पर पथराव: असम के डिब्रूगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने देर रात मुख्यमंत्री सर्वानांद सोनोवाल के घर पर पथराव किया। डिब्रूगढ़ के पुलिस उपायुक्त पल्लव गोपाल झा ने बताया कि बुधवार रात कुछ लोग लखीनगर क्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री के आवास की ओर पहुंचे और उन्होंने पत्थर फेंके। मुख्यमंत्री निवास पर तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि पथराव से खिड़कियों के शीशे टूट गए। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक प्रशांत फुकन और सुभाष दत्ता के घरों में भी तोड़फोड़ की।

केंद्रीय मंत्री के घर पर हमला: असम के दुलियाजन में नागरिकता विधेयक का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली के घर पर हमला किया, जिसमें संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा।

सचिवालय की घेराबंदी: असम में हजारों छात्रों और आम लोगों ने दिसपुर चलो मार्च निकाला और तीन घंटे से ज्यादा समय तक राज्य सचिवालय की घेराबंदी की। प्रदर्शनकारियों ने कई बार टायर और होर्डिंग्स जलाईं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलाईं, पानी की बौछारें छोड़ी और आंसू गैस छोड़े। पुलिस ने विभिन्न छात्र संगठनों के कई नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों से पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन खबरें मिली हैं कि गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और जोरहाट जैसे स्थानों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

सेना मुख्यालय की करीबी नजर: पूर्वोत्तर में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर सेना मुख्यालय की बारीक नजर है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना की दो टुकड़ियों को त्रिपुरा भेजा गया है, जहां प्रस्तावित कानून के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। एक टुकड़ी में करीब 70 सैन्यकर्मी हैं। 

सेना अलर्ट पर
राजधानी गुवाहाटी में बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए बुधवार (11 दिसंबर) शाम कर्फ्यू लगा दिया गया। असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने बताया कि कर्फ्यू गुरुवार 12 दिसंबर) की सुबह सात बजे तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, असम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून और व्यवस्था मुकेश अग्रवाल ने बताया कि हिंसक विरोध को देखते हुए गुवाहाटी में कर्फ्यू को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया गय। राज्य सरकार ने सेना की दो टुकड़ियों की मांग की है और उन्हें बोंगाइगाँव और डिब्रूगढ़ में तैयार रखा गया है।

शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच असम के 10 जिलों में बुधवार की शाम सात बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। राज्य सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शांति भंग करने के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं को स्थगित रखा जायेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह और राजनीतिक विभाग) कुमार संजय कृष्णा द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार लखीमपुर, धेमाजी, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप (मेट्रो) और कामरूप में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।

शरारती तत्वों के शांति को भंग करने के प्रयासों को विफल करने के लिए पूरे त्रिपुरा राज्य में भी मंगलवार (10 दिसंबर) को अपराह्र दो बजे से 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं पहले से ही बंद हैं। त्रिपुरा में इंटरनेट सेवाएं बुधवार (11 दिसंबर) को दूसरे दिन भी बंद रहीं। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बृहस्पतिवार (12 दिसंबर) तक बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन और बस सेवाएं भी रोक दी गई हैं।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अगरतला में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य के किसी भी स्थान पर सेना तैनात नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि असम राइफल्स की टुकड़ियों को हिंसाग्रस्त धलाई जिले में तैनात रखा गया है जबकि कुछ अन्य स्थानों पर बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा में तैनात हैं।

* 10 जिलों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई
* 5000 जवानों को विमान से पूर्वोत्तर के राज्यों में भेजा गया

प्रदर्शन का असर
रेलवे ने कई ट्रेन रद्द की, कई का समय बदला
गुवाहाटी। नागरिकता विधेयक के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बुधवार (11 दिसंबर) को कई ट्रेन रद्द कर दी और कई ट्रेन का समय बदल दिया। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुभानन चंदा ने कहा कि कम से कम 14 ट्रेनों रद्द किया गया है। कई रेलगाड़ियों को गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दिया गया है। अवध असम एक्सप्रेस को न्यू तिनसुकिया से चलाने का निर्णय लिया गया है। यह डिब्रूगढ़ और न्यू तिनसुकिया के बीच रद्द रहेगी। वहीं, लीडो गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ फरकाटिंग गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस, नाहरलागुन तिनसुकिया इंटरसिटी एक्सप्रेस, डेकारगांव डिब्रूगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस पूरी तरह से रद्द है।

परीक्षाएं स्थगित की गईं
त्रिपुरा में स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालयों की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं जबकि विभिन्न सरकारी कार्यालय तथा बाजार भी बंद रहे है। प्रशासन ने मंगलवार (10 दिसंबर) से 48 घंटों के लिए मोबाइल एवं एसएमएस सेवाएं बंद करा दिया है तथा धलाई और उत्तरी त्रिपुरा में विभिन्न स्थानों पर निषेधाज्ञा  लागू कर दी है। 

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