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8 अप्रैल, 2020|8:58|IST

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नागरिकता संशोधन बिल पास, जानें राज्यसभा में अमित शाह ने चिदंबरम-सिब्बल को कैसे दिया जवाब

amit shah

नागरिकता संशोधन विधेयक को लोकसभा के बाद अब राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी। संसद ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। अमित शाह ने आज राज्यसभा में बिल पेश किया और फिर बाद में विपक्ष के आरोपों का जवाब भी दिया। करीब 44 सांसदों के चर्चा में शामिल होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में सभी चर्चाओं का जवाब देते हुए कहा कि कुछ सदस्यों ने बिल को असंवैधानिक बताया। मगर मैं सभी का जवाब दूंगा। अगर इस देश का बंटवारा नहीं होता तो ये बिल नहीं लाना पड़ता। बंटवारे के बाद जो परिस्थितियां पैदा हुईं, उससे कुछ समस्या भी उत्पन्न हुई और उन्हीं के समाधान के लिए मोदी सरकार यह बिल लेकर आई है। तो चलिए जानते हैं अमित शाह ने किसे क्या-क्या जवाब दिया...

कांग्रेस को जवाब:
अमित शाह ने कहा कि मुझे आइडिया ऑफ इंडिया की बात मत समझाइए। मैं भी यहीं पैदा हुआ हूं और मेरी सात पुश्तें यहीं पैदा हुई हैं। मैं जन्मा हूं यहीं और मरूंगा भी यहीं। मैं कोई बाहर से नहीं आया। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा है।

कांग्रेस और पाक के बयान में अंतर नहीं: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि कभी-कभी कांग्रेस के कुछ नेता के बयान और पाकिस्तानी नेताओं के बयान घुल-मिल जाते हैं। कांग्रेस और पाकिस्तान के बयान में कभी-कभी कोई अंतर नहीं होता। आर्टिकल 370 पर यूएन में कांग्रेस के नेताओं और पाकिस्तान के नेताओं ने जो बयान दिया, वह भी एक है। 

कपिल सिब्बल को जवाब:
अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि कपिल सिब्बल जी ने कहा कि आपको कैसे पता कि जो लोग आ रहे हैं वे धार्मिक आधार पर पीड़ित हैं। तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हमें इसलिए पता हैं क्योंकि हमारे आंख कान खुले हैं, हमने वोटबैंक के लिए अपने आंख कान बंद नहीं कर रखे हैं। अमित शाह ने आगे कहा कि सिब्बल जी ने कहा कि देश का मुसलमान आपसे नहीं डरता है। मैं कहता हूं डरना भी नहीं चाहिए, बस आप उन्हें डराने की कोशिश मत कीजिए। वे कहते हैं कि इस बिल से मुसलमानों का अधिकार छिन जाएगा, मगर मैं सबको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस बिल से किसी का भी अधिकार नहीं छिनेगा।

चिदंबरम और सिब्बल को जवाब:
कपिल सिब्बल और चिदंबरम की ओर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों संसद को डरा रहे हैं कि संसद के दायरे में कोर्ट घुस जाएगा भला। अदालत ओपन है। कोई भी अदालत जा सकता है। हमें इससे डरना नहीं चाहिए। हमारा काम अपनी विवेक, बुद्धि से कानून बनाना है और जो हमने किया है और मुझे विश्वास है कि यह कानून अदालत में भी सही पाया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया। विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। बता दें कि लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।

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  • Web Title:Citizenship Amendment Bill 2019 Clears by Rajya Sabha Amit Shah Responded Congress P Chidambaram