साइबर और ड्रोन हमलों से सीआईएसएफ को सुरक्षा देगा आईआईटी
कानपुर में सीआईएसएफ ने आईआईटी कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक के लिए समझौते किए हैं। बहरोड़ में ड्रोन तकनीक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जबकि साइबर हमले से सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस सहयोग से स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान और ड्रोन तकनीक को विकसित किया जाएगा।

कानपुर। सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को साइबर और ड्रोन हमलों से आईआईटी कानपुर सुरक्षित रखेगा। इसके लिए राजस्थान के बहरोड़ में ड्रोन तकनीक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा और एंटी ड्रोन सिस्टम भी तैयार किया जाएगा। वहीं, साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए आईआईटी विशेष प्रशिक्षण देकर साइबर कमांडो तैयार करेगा। इसको लेकर इंजीनियर्स दिवस के अवसर पर सीआईएसएफ और आईआईटी कानपुर के बीच दो महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। आईआईटी कानपुर के सी3आई हब के साथ हुए समझौते के तहत तीन वर्ष तक छह सप्ताह का आवासीय और निःशुल्क साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण चलाया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 सीआईएसएफ जवानों को शामिल किया जाएगा।
प्रशिक्षण में एविएशन, पावर और न्यूक्लियर सेक्टर पर साइबर हमले, क्रिटिकल इंफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल फोरेंसिक, इंसिडेंट रिस्पांस, एआई-एमएल, डीपफेक, आईओटी, क्लाउड और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी जैसे विषय शामिल होंगे। साइबर संकट से निपटने के लिए क्राइसिस सिमुलेशन भी कराया जाएगा। वहीं, दूसरे समझौते के तहत सीआईएसएफ के आरटीसी (एमपीआरटीसी), बहरोड़ में पांच वर्ष के लिए ड्रोन-एंटी ड्रोन तकनीक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यहां यूएवी ऑपरेशन, ड्रोन फोरेंसिक और मानव रहित प्रणालियों की साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण व शोध होगा। केंद्र में संदिग्ध ड्रोन, रडार-आरएफ और माइक्रो-डॉपलर डिटेक्शन, काउंटर-यूएएस सिस्टम और हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन पर संयुक्त शोध किया जाएगा। अत्याधुनिक सिमुलेटर और फोरेंसिक लैब भी विकसित की जाएगी।सीआईएसएफ का आईआईटी मद्रास, आईआईटी रोपड़, आईआईटीडीएम कांचीपुरम और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया समेत कई तकनीकी संस्थानों के साथ समझौता है। नए केंद्र से क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए स्वदेशी ड्रोन और साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने को गति मिलने की उम्मीद है। साइबर समझौते पर सीआईएसएफ आईजी सेंथिल अवुडई कृष्णा राज एस और सी3आई हब की सीईओ डॉ. तनिमा हाजरा ने हस्ताक्षर किया। वहीं, ड्रोन तकनीक समझौते पर सीआईएसएफ एमपीआरटीसी बहरोड़ के डीआईजी डॉ. सी धनंजय नाइक और आईआईटी कानपुर के डीन (आरएंडडी) प्रो. जयंधरन जी राव ने हस्ताक्षर किया।


